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Shobhit Dixit
chat pe jaane ko bol rahe hain
chat pe jaane ko bol rahe hain | छत पे जाने को बोल रहे हैं
- Shobhit Dixit
छत
पे
जाने
को
बोल
रहे
हैं
फिर
तह
ख़ानों
को
खोल
रहे
हैं
दस्तक
देने
में
डर
लगता
है
सो
खुल
जा
सिम
सिम
बोल
रहे
हैं
- Shobhit Dixit
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गुज़ार
देते
हैं
रातें
पहलू
में
उसके
जुगनू
को
भी
दर
का
फ़क़ीर
बना
रखा
है
ALI ZUHRI
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यूँँ
देखिए
तो
आँधी
में
बस
इक
शजर
गया
लेकिन
न
जाने
कितने
परिंदों
का
घर
गया
जैसे
ग़लत
पते
पे
चला
आए
कोई
शख़्स
सुख
ऐसे
मेरे
दर
पे
रुका
और
गुज़र
गया
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Rajesh Reddy
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मौत
को
हम
ने
कभी
कुछ
नहीं
समझा
मगर
आज
अपने
बच्चों
की
तरफ़
देख
के
डर
जाते
हैं
Shakeel Jamali
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मुझ
ऐसा
शख़्स
अगर
क़हक़हों
से
भर
जाए
ये
साँस
लेती
उदासी
तो
घुट
के
मर
जाए
वो
मेरे
बाद
तरस
जाएगा
मोहब्बत
को
उसे
ये
कहना
अगर
हो
सके
तो
मर
जाए
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Rakib Mukhtar
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हम
किसी
दर
पे
न
ठिटके
न
कहीं
दस्तक
दी
सैकड़ों
दर
थे
मिरी
जाँ
तिरे
दर
से
पहले
Ibn E Insha
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मेरे
नादाँ
दिल
उदासी
कोई
अच्छी
शय
नहीं
देख
सूखे
फूल
पर
आती
नहीं
हैं
तितलियाँ
Deepak Vikal
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कहा
जो
कृष्ण
ने
गीता
में
रक्खेगा
अगर
तू
याद
भले
जितना
घना
जंगल
हो
पर
तू
खो
नहीं
सकता
Amaan Pathan
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मैं
बार
बार
तुझे
देखता
हूॅं
इस
डर
से
कि
पिछली
बार
का
देखा
हुआ
ख़राब
न
हो
Shaheen Abbas
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शे'र
दर-अस्ल
हैं
वही
'हसरत'
सुनते
ही
दिल
में
जो
उतर
जाएँ
Hasrat Mohani
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अपनी
तन्हाई
मिरे
नाम
पे
आबाद
करे
कौन
होगा
जो
मुझे
उस
की
तरह
याद
करे
Parveen Shakir
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हमने
इक
वहम
पाल
रखा
है
उसका
ही
तो
मलाल
रखा
है
टूटा
था
दिल
तो
एक
दफ़ा
बस
वो
दर्द
अब
तक
सम्हाल
रखा
है
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Shobhit Dixit
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पतंग
को
उस
वक़्त
खींचा
गया
हवा
जब
कह
रही
थी
ढील
दो
Shobhit Dixit
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तजरबा
जितना
बढ़ने
लगता
है
आईना
शक्लें
पढ़ने
लगता
है
Shobhit Dixit
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लोग
हमको
भी
क्या
क्या
बताते
रहे
हम
भी
उनकी
ही
बातों
में
आते
रहे
एक
कहानी
अधूरी,
अधूरी
थी
बस
हम
थे
किरदार
नए,
नए
बनाते
रहे
नींद
होनी
थी
आँखों
की
अपनी
मगर
हम
तो
अपने
सपने
को
सुलाते
रहे
झूठी
थी
सब
क़स
में
बुनियाद
की
सो
झूठे
वादों
के
मलबे
उठाते
रहे
आने
वाले
तो
आते
रहे
उम्र
भर
जाने
वाले
जो
लोग
थे
जाते
रहे
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Shobhit Dixit
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देखो
शैतान
बुरा
होता
है
उस
सेे
इंसान
बुरा
होता
है
सबके
मजहब
अच्छे
होते
हैं
किसका
भगवान
बुरा
होता
है
इश्क़
मोहब्बत
प्यार
वगैरा
मत
कर
नादान
बुरा
होता
है
गाड़ी
जीवन
की
तेज
चलाओ
लेकिन
चालान
बुरा
होता
है
दरख़्त
में
क्या
अच्छा
ख़राब
वो
तो
बागान
बुरा
होता
है
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Shobhit Dixit
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