tu jab tak thii ye zeest nisbat men kaatee | तू जब तक थी ये ज़ीस्त निस्बत में काटी

  - SHIV SAFAR
तूजबतकथीयेज़ीस्तनिस्बतमेंकाटी
तेरेबादकीमैंनेइद्दतमेंकाटी
मेराक़त्लकरनाअगरज़िंदगीमैं
तेरेबिनजोजीनेकीजुर्अतमेंकाटी
जोसपनोंमेंभीतुमनेसोचाहोगा
वोरातेंहैंमैंनेहक़ीक़तमेंकाटी
येदिनयादोंसेजंग-ए-फ़ुर्क़तमेंगुज़री
येशबभूलजानेकीचाहतमेंकाटी
तेरीदोस्तीजबसेमुझकोमिलीहै
हरइकलम्हाख़ुदसेअदावतमेंकाटी
  - SHIV SAFAR
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