अबफ़र्क़नहींजबपड़नातोगुस्साऊँक्यूँ
हैप्यारनहींतोनफ़रतभीमैंजताऊँक्यूँ
अबजबकोईभीनरिश्तातुमकोरखनाहै
तोदोस्तहीक्याफिरदुश्मनभीकहलाऊँक्यूँ
जबग़ैरसमझबैठेतोकरनाबहसहीक्या
अबतुझसेेझगड़केअपनापनमैंदिखाऊँक्यूँ
अबजबबेबाकगलेतुममुझसेेमिलतेहो
तोमैंइकबोसालेनेमेंशर्माऊँक्यूँ
जबतर्क–ए–मोहब्बतकाहीतुमनेठानलिया
तोतुमसेबिछड़नेमेंइतनाघबराऊँक्यूँ
तूनेतोमेरेरूपमेंहीराखोयाहै
फिरतेरेबदलेमैंआख़िरपछताऊँक्यूँ