raat se hokar shuroo thii khatm hoti raat men | रात से होकर शुरू थी ख़त्म होती रात में

  - SHIV SAFAR
रातसेहोकरशुरूथीख़त्महोतीरातमें
यादहैकुछकितनेदिनगुज़रेहैंअपनीबातमें
अपनेसीनेमेंसमुंदरकोलिएफिरतेहैंहम
कहदोतूफ़ानोंसेरहनासीखलेंऔक़ातमें
बिजलियोंसेडरकेबाहोंमेंसिमटजातेहोतुम
ठीकहैफिरहममिलेंगेमौसम-ए-बरसातमें
इसदफ़ाहोजाओतुमहमसेेजुदालेकिनसुनो
फिरसेआऊँगाजनमलेकेतुम्हारीजातमें
ख़ुदउड़ानीपड़तीहैअपनीअनाकीधज्ज़ियाँ
भीखभीमिलतीनहींहैअबयहाँखैरातमें
  - SHIV SAFAR
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy