subah se shaam talak dhoop ko takte takte | सुब्ह से शाम तलक धूप को तकते तकते

  - Dipanshu Shams
सुब्हसेशामतलकधूपकोतकतेतकते
आँखजातीहैछलकधूपकोतकतेतकते
सर्दमौसमनेउसेकितनासतायाहोगा
जिसनेझपकीपलकधूपकोतकतेतकते
आफ़ताबमेरीरग़रग़मेंशरारेभरदे
बढ़तीजाएहैललकधूपकोतकतेतकते
हरजगहढूँढनेकेबाददिखीहैमुझको
आपकीएकझलकधूपकोतकतेतकते
रक़्सकरतेहैहवाओंकेरिदमपरमिलकर
येज़मींऔरफ़लकधूपकोतकतेतकते
  - Dipanshu Shams
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