ranzo-gam hañsi mazaak ke hi darmiyaan sun | रंज़ो-ग़म हँसी मज़ाक के ही दरमियान सुन

  - Dipanshu Shams
रंज़ो-ग़महँसीमज़ाककेहीदरमियानसुन
बा-क़मालज़िन्दगीतूख़ुदकीदास्तानसुन
बोलकरकरेगाक्या,नहींसुनेगाकोईभी
संग'दिलहैंसबयहाँज़राख़ुश-ज़ुबानसुन
एकदिनज़रूरकामयाबहोंगीकोशिशें
इंक़लाबकीउठेगीगूँजहुक्मरानसुन
ज़ेहनकोसुकूनऔ,क़रारतुझकोआएगा
एकबारबातअपनेदिलकीबद-गुमानसुन
रखसमेटकरइन्हेंबहाअश्कअपनेयूँँ
आएगाकोईपरिन्दप्यासासाएबानसुन
  - Dipanshu Shams
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