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Sandeep kushwaha
rasman kab tak haath milaaye jaate ham
rasman kab tak haath milaaye jaate ham | रस्मन कब तक हाथ मिलाए जाते हम
- Sandeep kushwaha
रस्मन
कब
तक
हाथ
मिलाए
जाते
हम
दिल
मिलने
की
थोड़ी
तो
गुंजाइश
हो
- Sandeep kushwaha
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देखिए
होगा
श्री-कृष्ण
का
दर्शन
क्यूँँ-कर
सीना-ए-तंग
में
दिल
गोपियों
का
है
बेकल
Mohsin Kakorvi
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दिल
गया
रौनक़-ए-हयात
गई
ग़म
गया
सारी
काएनात
गई
Jigar Moradabadi
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हर
दुख
का
है
इलाज,
उसे
देखते
रहो
सबकुछ
भुला
के
आज
उसे
देखते
रहो
देखा
उसे
तो
दिल
ने
ये
बे-साख़्ता
कहा
छोड़ो
ये
काम
काज
उसे
देखते
रहो
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Aslam Rashid
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कैसा
दिल
और
इस
के
क्या
ग़म
जी
यूँँ
ही
बातें
बनाते
हैं
हम
जी
Jaun Elia
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शाम-ए-फ़िराक़
अब
न
पूछ
आई
और
आ
के
टल
गई
दिल
था
कि
फिर
बहल
गया
जाँ
थी
कि
फिर
सँभल
गई
Faiz Ahmad Faiz
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हम
लबों
से
कह
न
पाए
उन
से
हाल-ए-दिल
कभी
और
वो
समझे
नहीं
ये
ख़ामुशी
क्या
चीज़
है
Nida Fazli
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जितने
भी
हैं
ज़ख़्म
तुम्हारे
सिल
देगी
होटल
में
खाने
का
आधा
बिल
देगी
सीधे
मुँह
जो
बात
नहीं
करती
है
जो
तुमको
लगता
है
वो
लड़की
दिल
देगी
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Shadab Asghar
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ये
कहते
हो
तिरे
जाने
से
दिल
को
चैन
आएगा
तो
जाता
हूँ,
ख़ुदा
हाफ़िज़!
मगर
तुम
झूठ
कहते
हो
Zubair Ali Tabish
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दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
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उस
के
दिल
की
आग
ठंडी
पड़
गई
मुझ
को
शोहरत
मिल
गई
इल्ज़ाम
से
Siraj Faisal Khan
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वो
एक
वक़्त
था
उनको
गुमान
था
हम
पर
ये
एक
वक़्त
है
हम
सेे
नज़र
नहीं
मिलती
Sandeep kushwaha
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रिश्तों
में
अब
दूरी
रखना
जायज़
भी
है
ज़्यादा
ज़ूम
करे,
फ़ोटो
धुँदला
जाती
है
Sandeep kushwaha
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ये
तेरा
रंग
नया
है
तू
सँभलियो
प्यारे
रंग
उतरे
तो
ये
दीवार
बुरी
लगती
है
Sandeep kushwaha
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शांत
दरिया
के
पास
बैठा
है
यानी
लड़का
उदास
बैठा
है
होश
दुनिया
को
बाँटता
था
जो
आज
ख़ुद
बद-हवा
से
बैठा
है
वो
जो
दिखता
नहीं
हमें
लेकिन
वो
कहीं
आस-पास
बैठा
है
तृप्त
दिखने
का
ढोंग
मत
करिए
दिल
अगर
ले
के
प्यास
बैठा
है
वो
मेरा
भी
तो
ख़ास
होता
था
जो
तेरा
बन
के
ख़ास
बैठा
है
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Sandeep kushwaha
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इतनी
भी
तेज़
आपकी
आँखें
नहीं
हैं
,आप
जो
देख
पा
रहें
हैं
हक़ीक़त
नहीं
है
ये
दर
पे
जो
आ
गया
हूँ
तो
ख़िदमत
का
ढोंग
भी
रस्मन
निभा
रहे
हो
तो
ख़िदमत
नहीं
है
ये
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Sandeep kushwaha
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