hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sachin Sharma
bahut bechain hota hooñ to ik tasveer dekhooñ main
bahut bechain hota hooñ to ik tasveer dekhooñ main | बहुत बेचैन होता हूँ तो इक तस्वीर देखूँ मैं
- Sachin Sharma
बहुत
बेचैन
होता
हूँ
तो
इक
तस्वीर
देखूँ
मैं
लकीरों
पर
नहीं
विश्वास
क्या
तक़दीर
देखूँ
मैं
- Sachin Sharma
Download Sher Image
तुम
सितारों
के
भरोसे
पे
न
बैठे
रहना
अपनी
तदबीर
से
तक़दीर
बनाते
जाओ
Sada Ambalvi
Send
Download Image
26 Likes
इस
ज़िन्दगी
में
इतनी
फ़राग़त
किसे
नसीब
इतना
न
याद
आ
कि
तुझे
भूल
जाएँ
हम
Ahmad Faraz
Send
Download Image
41 Likes
हर
घड़ी
ख़ुद
से
उलझना
है
मुक़द्दर
मेरा
मैं
ही
कश्ती
हूँ
मुझी
में
है
समुंदर
मेरा
Nida Fazli
Send
Download Image
46 Likes
शायद
अगली
इक
कोशिश
तक़दीर
बदल
दे
ज़हर
तो
जब
जी
चाहे
खाया
जा
सकता
है
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
45 Likes
ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
Read Full
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
82 Likes
किसी
को
साल-ए-नौ
की
क्या
मुबारकबाद
दी
जाए
कैलन्डर
के
बदलने
से
मुक़द्दर
कब
बदलता
है
Aitbar Sajid
Send
Download Image
18 Likes
ख़ुद
बुलाओ
के
वो
यूँँ
घर
से
नहीं
निकलेगा
यहाँ
इनाम
मुक़द्दर
से
नहीं
निकलेगा
ऐसे
मौसम
में
बिना
काम
के
आया
हुआ
शख़्स
इतनी
जल्दी
तेरे
दफ़्तर
से
नहीं
निकलेगा
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
21 Likes
गर
डूबना
ही
अपना
मुक़द्दर
है
तो
सुनो
डूबेंगे
हम
ज़रूर
मगर
नाख़ुदा
के
साथ
Kaifi Azmi
Send
Download Image
24 Likes
सितारे
कुछ
बताते
हैं
नतीजा
कुछ
निकलता
है
बड़ी
हैरत
में
हैं
मेरा
मुक़द्दर
देखने
वाले
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
45 Likes
ये
किस
ने
कहा
है
मिरी
तक़दीर
बना
दे
आ
अपने
ही
हाथों
से
मिटाने
के
लिए
आ
Hasrat Jaipuri
Send
Download Image
14 Likes
Read More
लगता
है
बद-तमीज़
को
भी
आने
लग
गए
उस्ताद
हम
से
शे'र
सुधरवाने
लग
गए
Sachin Sharma
Send
Download Image
0 Likes
मक्कारी
नहीं
है
ये
अदाकारी
है
मेरी
अनपढ़
हूँ
मगर
नौकरी
सरकारी
है
मेरी
Sachin Sharma
Send
Download Image
0 Likes
हमको
नफ़रत
है
मुहब्बत
से,
कि
हमने
महफ़िलो
में
देखा
है
रोता
हुआ
जॉन
Sachin Sharma
Send
Download Image
1 Like
खिल
न
पाए
वो
कली
किस
काम
की
बिन
मोहब्बत
ज़िंदगी
किस
काम
की
आत्माओं
का
मिलन
हो
जाए
तो
पंडितों
की
कुंडली
किस
काम
की
हमको
तो
मालूम
था
वो
आएगा
सुर्ख़
आँखों
में
नमी
किस
काम
की
दिल
न
टूटा
हो
तुम्हारा
जब
तलक
जौन
की
फिर
शा'इरी
किस
काम
की
दर्द
लोगों
को
न
लिख
पाया
अगर
हाथ
में
फिर
लेखनी
किस
काम
की
माँ
से
करना
प्यार
तू
भी
सीख
ले
धोखा
करती
छोकरी
किस
काम
की
हम
तो
करना
चाहते
थे
शा'इरी
कर
रहे
हैं
नौकरी
किस
काम
की
शे'र
कहना
जानते
हो
तुम
'सचिन'
खुल
के
बोलो
ख़ामुशी
किस
काम
की
Read Full
Sachin Sharma
Download Image
1 Like
कहनी
अगर
ग़ज़ल
है
उस्ताद
कीजिए
कुछ
शे'र
कह
रहा
हूँ
इरशाद
कीजिए
Sachin Sharma
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Duniya Shayari
Sharaab Shayari
Patriotic Shayari
Majboori Shayari
Dua Shayari