khil na paa.e vo kali kis kaam kii | खिल न पाए वो कली किस काम की

  - Sachin Sharma
खिलपाएवोकलीकिसकामकी
बिनमोहब्बतज़िंदगीकिसकामकी
आत्माओंकामिलनहोजाएतो
पंडितोंकीकुंडलीकिसकामकी
हमकोतोमालूमथावोआएगा
सुर्ख़आँखोंमेंनमीकिसकामकी
दिलटूटाहोतुम्हाराजबतलक
जौनकीफिरशा'इरीकिसकामकी
दर्दलोगोंकोलिखपायाअगर
हाथमेंफिरलेखनीकिसकामकी
माँसेकरनाप्यारतूभीसीखले
धोखाकरतीछोकरीकिसकामकी
हमतोकरनाचाहतेथेशा'इरी
कररहेहैंनौकरीकिसकामकी
शे'रकहनाजानतेहोतुम'सचिन'
खुलकेबोलोख़ामुशीकिसकामकी
  - Sachin Sharma
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