hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sachin Sharma
makkaari nahin hai ye adaakaari hai meri
makkaari nahin hai ye adaakaari hai meri | मक्कारी नहीं है ये अदाकारी है मेरी
- Sachin Sharma
मक्कारी
नहीं
है
ये
अदाकारी
है
मेरी
अनपढ़
हूँ
मगर
नौकरी
सरकारी
है
मेरी
- Sachin Sharma
Download Sher Image
कोई
ख़ुद-कुशी
की
तरफ़
चल
दिया
उदासी
की
मेहनत
ठिकाने
लगी
Adil Mansuri
Send
Download Image
36 Likes
उम्र
भर
की
बात
बिगड़ी
इक
ज़रा
सी
बात
में
एक
लम्हा
ज़िंदगी
भर
की
कमाई
खा
गया
Nazeer Banarasi
Send
Download Image
29 Likes
दिल
देख
के
रो
देता
है
मज़दूर
के
बच्चे
जब
फावड़ा
चुन
लेते
हैं
बस्ता
नहीं
चुनते
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
33 Likes
होने
दो
चराग़ाँ
महलों
में
क्या
हम
को
अगर
दीवाली
है
मज़दूर
हैं
हम
मज़दूर
हैं
हम
मज़दूर
की
दुनिया
काली
है
Jameel Mazhari
Send
Download Image
21 Likes
आने
वाले
जाने
वाले
हर
ज़माने
के
लिए
आदमी
मज़दूर
है
राहें
बनाने
के
लिए
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
22 Likes
फ़रिश्ते
से
बढ़
कर
है
इंसान
बनना
मगर
इस
में
लगती
है
मेहनत
ज़ियादा
Altaf Hussain Hali
Send
Download Image
25 Likes
पत्थर
पहले
ख़ुद
को
पत्थर
करता
है
उसके
बाद
ही
कुछ
कारीगर
करता
है
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
50 Likes
ख़ूँ
पिला
कर
जो
शे'र
पाला
था
उस
ने
सर्कस
में
नौकरी
कर
ली
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
49 Likes
अपने
हाकिम
की
फ़कीरी
पे
तरस
आता
है
जो
ग़रीबों
से
पसीने
की
कमाई
माँगे
Rahat Indori
Send
Download Image
57 Likes
ख़ुद
जिसे
मेहनत
मशक़्क़त
से
बनाता
हूँ
'जमाल'
छोड़
देता
हूँ
वो
रस्ता
आम
हो
जाने
के
बाद
Jamal Ehsani
Send
Download Image
30 Likes
Read More
शे'र
हल्के
हैं
ये
मेरे
भारी
पड़ते
हैं
ये
लेकिन
Sachin Sharma
Send
Download Image
0 Likes
वो
उधर
फूलों
की
सेज
पर
है
ज़िन्दगी
आख़िरी
स्टेज
पर
है
बात
जो
सखियाँ
करवा
रही
थीं
उनका
भी
फोन
इंगेज
पर
है
Read Full
Sachin Sharma
Send
Download Image
0 Likes
बादलों
की
उड़ान
छोटी
है
बूँद
नन्ही
सी
जान
छोटी
है
हद
से
ज़्यादा
कभी
नहीं
बोला
इक
मिरी
ये
ज़ुबान
छोटी
है
घर
को
आते
ही
सर
दबाने
पर
बोले
पापा
थकान
छोटी
है
तीर
इक
दम
नुकीला
है
मेरा
बस
मिरी
ये
कमान
छोटी
है
दूर
तक
हम
नज़र
न
रख
पाए
ये
'सचिन'
की
मचान
छोटी
है
Read Full
Sachin Sharma
Download Image
2 Likes
हमारी
शा'इरी
ऐसे
चलेगी
तो
हमारी
कनपटी
होगी
निशाने
पर
Sachin Sharma
Send
Download Image
0 Likes
गुलाबी
लब
समझते
हैं
नए
लड़के
मुहब्बत
अब
समझते
हैं
नए
लड़के
कभी
कंगन
कभी
लट
को
घुमाना
यूँँ
इशारे
सब
समझते
हैं
नए
लड़के
पराई
लड़की
दो
दिन
जानूँ
क्या
बोली
उसे
ही
रब
समझते
हैं
नए
लड़के
इमोजी
भेजती
तुम,ख़ूब
सारे
दिल
सभी
मतलब
समझते
हैं
नए
लड़के
मना
कितना
किया
झाँसे
में
मत
आना
कहे
से
कब
समझते
हैं
नए
लड़के
Read Full
Sachin Sharma
Download Image
3 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Sooraj Shayari
Baaten Shayari
Bimari Shayari
Mehboob Shayari
Pagal Shayari