तुमअपनेआपपरएहसानक्यूँँनहींकरते
कियाहैइश्क़तोएलानक्यूँँनहींकरते
सजाएफिरतेहोमहफ़िलनजानेकिसकिसकी
कभीपरिंदोंकोमेहमानक्यूँँनहींकरते
वोदेखतेहीनहींजोहैमंज़रोंसेअलग
कभीनिगाहकोहैरानक्यूँँनहींकरते
पुरानीसम्तोंमेंचलनेकीसबकोआदतहै
नईदिशाओंकावोध्यानक्यूँँनहींकरते
बसइकचराग़केबुझनेसेबुझगए'दानिश'
तुमआंधियोंकोपरेशानक्यूँँनहींकरते