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Saahir
ye naye ladke jab kuchh sunaate hain mujhko
ye naye ladke jab kuchh sunaate hain mujhko | ये नए लड़के जब कुछ सुनाते हैं मुझको
- Saahir
ये
नए
लड़के
जब
कुछ
सुनाते
हैं
मुझको
माज़ी
के
माजरे
याद
आते
हैं
मुझको
सातवें
जन्म
में
बिछड़ा
है
मुझ
सेे
वो
शख़्स
पिछले
छह
जन्मों
के
ख़्वाब
आते
हैं
मुझको
- Saahir
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तुम
जाओ
पर
यादों
को
तो
रहने
दो
यादों
का
भी
एक
सहारा
होता
है
Sachin Shalini
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सफ़र
के
बाद
भी
ज़ौक़-ए-सफ़र
न
रह
जाए
ख़याल
ओ
ख़्वाब
में
अब
के
भी
घर
न
रह
जाए
Abhishek shukla
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आप
की
याद
आती
रही
रात
भर
चश्म-ए-नम
मुस्कुराती
रही
रात
भर
Makhdoom Mohiuddin
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उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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धूप
में
कौन
किसे
याद
किया
करता
है
पर
तिरे
शहर
में
बरसात
तो
होती
होगी
Ameer Imam
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गले
से
लगते
ही
जितने
गिले
थे
भूल
गए
वगर्ना
याद
थीं
हम
को
शिकायतें
क्या
क्या
Abdul Rahman Ehsaan Dehlavi
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उस
की
यादों
की
काई
पर
अब
तो
ज़िंदगी-भर
मुझे
फिसलना
है
Siraj Faisal Khan
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याद
उसे
इंतिहाई
करते
हैं
सो
हम
उस
की
बुराई
करते
हैं
Jaun Elia
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ज़रा
सी
देर
आँखों
में
चली
जाए
तुम्हारी
याद
बहुत
दिन
हो
गए
दिल
का
मुझे
झाड़ू
लगाना
है
Tanoj Dadhich
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इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
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Vikram Gaur Vairagi
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जितने
हैं
फैसले
उतनी
ही
ज़िंदगी
हैं
मेरी
और
कुछ
हो
रहा
होता
मैं
अब
अ
गर
ये
नहीं
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Saahir
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ग़मों
को
यूँँ
छुपाना
है
मिलो
तो
मुस्कुराना
है
जबीं
को
चूम
कर
बोली
निशाँ
सबको
दिखाना
है
निगाहें
फेर
कर
रखना
बड़ा
तीखा
निशाना
है
कोई
आवाज़
है
या
फिर
कहीं
बाजे
तराना
है
पलस्तर
गिरने
पर
समझा
मकाँ
काफी
पुराना
है
डराए
जो
मुझे
शब
तो
तुम्हें
सूरज
ले
आना
है
बता
दो,
आप,
तुम
या
तू
तुम्हें
कैसे
बुलाना
है
कहाँ
उलझा
हुआ
हूँ
मैं
ये
कैसा
ताना
बाना
है
ग़मों
पर
रो
रहे
हो
क्यूँ
ये
दुनिया
इक
फ़साना
है
भरी
चाबी
ख़ुदा
ने
जो
क़ज़ा
तक
चलते
जाना
है
ये
गीता
ने
सिखाया
है
कि
मक़सद
मोक्ष
पाना
है
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Saahir
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इश्क़
में
रोती
हुई
इन
लड़कियों
से
कहना
है
ये
सहूलत
है
तुम्हें
तो
रोइये
आराम
से
Saahir
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उस
लड़की
ने
मुझको
हँसकर
देखा
है
निकल
रहे
हैं
इक
चींटी
के
पर
यारों
Saahir
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वो
माँ
तो
मर
ही
जाएगी
सद
में
से
वो
जिसका
बेटा
लटका
हो
पंखे
से
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Saahir
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