gamon ko yuñ chhup | ग़मों को यूँँ छुपाना है

  - Saahir
ग़मोंकोयूँँछुपानाहै
मिलोतोमुस्कुरानाहै
जबींकोचूमकरबोली
निशाँसबकोदिखानाहै
निगाहेंफेरकररखना
बड़ातीखानिशानाहै
कोईआवाज़हैयाफिर
कहींबाजेतरानाहै
पलस्तरगिरनेपरसमझा
मकाँकाफीपुरानाहै
डराएजोमुझेशबतो
तुम्हेंसूरजलेआनाहै
बतादो,आप,तुमयातू
तुम्हेंकैसेबुलानाहै
कहाँउलझाहुआहूँमैं
येकैसातानाबानाहै
ग़मोंपररोरहेहोक्यूँ
येदुनियाइकफ़सानाहै
भरीचाबीख़ुदानेजो
क़ज़ातकचलतेजानाहै
येगीतानेसिखायाहै
किमक़सदमोक्षपानाहै
  - Saahir
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