hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Saahir
vo maa to mar hi jaayegi sad
vo maa to mar hi jaayegi sad | वो माँ तो मर ही जाएगी सद
- Saahir
वो
माँ
तो
मर
ही
जाएगी
सद
में
से
वो
जिसका
बेटा
लटका
हो
पंखे
से
- Saahir
Download Sher Image
घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
Send
Download Image
60 Likes
माँ
के
आँसू
को
समझता
हूँ
मुक़द्दस
इतना
बस
उन्हें
चूम
ले
अफ़ज़ल
तो
वज़ू
हो
जाए
S M Afzal Imam
Send
Download Image
6 Likes
ये
ऐसा
क़र्ज़
है
जो
मैं
अदा
कर
ही
नहीं
सकता
मैं
जब
तक
घर
न
लौटूँ
मेरी
माँ
सज्दे
में
रहती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
39 Likes
बोझ
उठाए
हुए
फिरती
है
हमारा
अब
तक
ऐ
ज़मीं
माँ
तिरी
ये
उम्र
तो
आराम
की
थी
Parveen Shakir
Send
Download Image
38 Likes
इक
लड़की
है
जो
इकदम
घर
जैसी
है
वो
बिल्कुल
माँ
जैसी
बातें
करती
है
Siddharth Saaz
Send
Download Image
47 Likes
मुझपे
पड़ती
नहीं
बलाओं
की
धूप
सर
पे
साया-फ़िगन
है
माँ
की
दु'आ
Amaan Haider
Send
Download Image
3 Likes
अज़ीज़-तर
मुझे
रखता
है
वो
रग-ए-जाँ
से
ये
बात
सच
है
मेरा
बाप
कम
नहीं
माँ
से
Tahir Shaheer
Send
Download Image
30 Likes
जब
चली
ठंडी
हवा
बच्चा
ठिठुर
कर
रह
गया
माँ
ने
अपने
ला'ल
की
तख़्ती
जला
दी
रात
को
Sibt Ali Saba
Send
Download Image
23 Likes
कौन
सी
बात
कहाँ
कैसे
कही
जाती
है
ये
सलीक़ा
हो
तो
हर
बात
सुनी
जाती
है
एक
बिगड़ी
हुई
औलाद
भला
क्या
जाने
कैसे
माँ-बाप
के
होंठों
से
हँसी
जाती
है
Read Full
Waseem Barelvi
Send
Download Image
68 Likes
बूढ़ी
माँ
का
शायद
लौट
आया
बचपन
गुड़ियों
का
अम्बार
लगा
कर
बैठ
गई
Irshad Khan Sikandar
Send
Download Image
19 Likes
Read More
सोचता
हूँ
कि
क्या
चीज़
ये
ज़िंदगी
है
बढ़
रही
है
या
फिर
उम्र
कम
हो
रही
है
जज़्ब,
बहरें,
म'आनी,
अदब,
तज़रबे
आदि
इन
सभी
को
मिला
जो
बने,
शा'इरी
है
Read Full
Saahir
Send
Download Image
2 Likes
इशारों
ही
इशारों
में
कोई
मुझे
हसीन
बात
कह
गया
मैं
तो
चला
गया
था
पर
ये
दिल
यहीं
पे
रह
गया
ये
आशिक़ी
है
दोस्त
और
इसका
ये
मिज़ाज
है
जो
रह
गया
वो
रह
गया
जो
ढह
गया
वो
ढह
गया
Read Full
Saahir
Send
Download Image
2 Likes
उम्र
का
हर
इक
पड़ाव
कुछ
यूँँ
देखा
है
मैने
देखे
हैं
मैने
उगते
खिलते
और
झड़ते
फूल
Saahir
Send
Download Image
1 Like
इश्क़
में
नाकाम
हो
कर
शा'इरी
करती
रही
और
ग़म
उदासी
की
दुकाँ
बनती
गईं
नस्लें
हमारी
Saahir
Send
Download Image
4 Likes
रोते-रोते
सोए
थे
नहीं
पता
फिर
किसका
सर
था
किसके
कंधे
पर
Saahir
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Environment Shayari
Jeet Shayari
Deedar Shayari
Raksha bandhan Shayari
Aazaadi Shayari