hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Rishabh Katariya
waqt ka yah haseen sitam to nahin
waqt ka yah haseen sitam to nahin | वक़्त का यह हसीं सितम तो नहीं
- Rishabh Katariya
वक़्त
का
यह
हसीं
सितम
तो
नहीं
ज़िन्दगी
का
ग़लत
कदम
तो
नहीं
बीतता
जा
रहा
जो
तुम्हारे
बिना
क्या
पता
आठवाँ
जनम
तो
नहीं
- Rishabh Katariya
Download Sher Image
टक
गोर-ए-ग़रीबाँ
की
कर
सैर
कि
दुनिया
में
उन
ज़ुल्म-रसीदों
पर
क्या
क्या
न
हुआ
होगा
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
17 Likes
उम्र
के
आख़िरी
मक़ाम
में
हम
मिल
भी
जाए
तो
क्या
ख़ुशी
होगी
क्या
सितम
तुम
को
देखने
के
लिए
हम
को
दुनिया
भी
देखनी
होगी
Read Full
Vikram Sharma
Send
Download Image
32 Likes
सुख़न
का
जोश
कम
होता
नहीं
है
वगरना
क्या
सितम
होता
नहीं
है
भले
तुम
काट
दो
बाज़ू
हमारे
क़लम
का
सर
क़लम
होता
नहीं
है
Read Full
Baghi Vikas
Send
Download Image
64 Likes
ख़ून
से
सींची
है
मैं
ने
जो
ज़मीं
मर
मर
के
वो
ज़मीं
एक
सितम-गर
ने
कहा
उस
की
है
Javed Akhtar
Send
Download Image
30 Likes
डाली
है
ख़ुद
पे
ज़ुल्म
की
यूँँ
इक
मिसाल
और
उसके
बग़ैर
काट
दिया
एक
साल
और
Subhan Asad
Send
Download Image
47 Likes
ज़ुल्म
फिर
ज़ुल्म
है
बढ़ता
है
तो
मिट
जाता
है
ख़ून
फिर
ख़ून
है
टपकेगा
तो
जम
जाएगा
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
25 Likes
सारी
दुनिया
के
ग़म
हमारे
हैं
और
सितम
ये
कि
हम
तुम्हारे
हैं
Jaun Elia
Send
Download Image
47 Likes
है
ये
कैसा
सितम
मौला
ये
हैं
दुश्वारियाँ
कैसी
जहाँ
पर
रोना
था
हमको
वहीं
पर
मुस्कुराना
है
Aqib khan
Send
Download Image
4 Likes
जो
अंजान
थे
वो
मेरे
यार
निकले
मगर
जो
भी
अपने
थे
बेकार
निकले
ज़मीं
खा
गई
उन
वफ़ाओं
को
आख़िर
सितम
ये
हुआ
हम
गुनहगार
निकले
Read Full
Hameed Sarwar Bahraichi
Send
Download Image
16 Likes
इस
गए
साल
बड़े
ज़ुल्म
हुए
हैं
मुझ
पर
ऐ
नए
साल
मसीहा
की
तरह
मिल
मुझ
से
Sarfraz Nawaz
Send
Download Image
27 Likes
Read More
साथ
मुझको
चलाना
नहीं
चाहता
मेरा
कोई
बहाना
नहीं
चाहता
तुमने
जब
से
कहा
है
पराया
हमें
कोई
अपना
बनाना
नहीं
चाहता
Read Full
Rishabh Katariya
Send
Download Image
1 Like
सांझ
का
जाप
है
तेरे
प्यार
का
हमको
संताप
है
तेरे
प्यार
का
आज
जो
कुछ
भी
है
मेरा
कुछ
नहीं
ये
तो
अभिशाप
है
तेरे
प्यार
का
Read Full
Rishabh Katariya
Send
Download Image
3 Likes
दिन
बसर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
यह
असर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
अब
कई
लोग
आकर
के
बसने
लगे
मन
शहर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
Read Full
Rishabh Katariya
Send
Download Image
1 Like
छोड़कर
अपना
भी
असर
जाएँगे
या
तो
डूबेंगे
या
तो
तर
जाएँगे
प्रेम
एक
ताज
की
तरह
ही
तो
हैं
इसके
पीछे
कितने
ही
सर
जाएँगे
Read Full
Rishabh Katariya
Send
Download Image
3 Likes
रोज़
संवाद
करता
नगर
से
तेरे
हर
घड़ी
ही
गुजरता
नगर
से
तेरे
हैं
यहाँ
की
हवा
में
ही
दीवानगी
कैसे
ना
प्रेम
करता
नगर
से
तेरे
Read Full
Rishabh Katariya
Send
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Aansoo Shayari
Paani Shayari
Jalwa Shayari
Nafrat Shayari
Zindagi Shayari