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Rishabh Katariya
din basar ho raha hai tumhaare bina
din basar ho raha hai tumhaare bina | दिन बसर हो रहा है तुम्हारे बिना
- Rishabh Katariya
दिन
बसर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
यह
असर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
अब
कई
लोग
आकर
के
बसने
लगे
मन
शहर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
- Rishabh Katariya
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ये
सोच
कर
के
वो
खिड़की
से
झाँक
ले
शायद
गली
में
खेलते
बच्चे
लड़ा
दिए
मैंने
Unknown
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ये
मयकशों
का
तवाज़ुन
भी
क्या
तवाज़ुन
है
खड़े
भी
रहना
सहूलत
से
लड़खड़ाना
भी
हमारे
शहर
के
लोगों
को
ख़ूब
आता
है
किसी
को
सर
पे
बिठाना
भी
और
गिराना
भी
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Imran Aami
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पानी
आँख
में
भरकर
लाया
जा
सकता
है
अब
भी
जलता
शहर
बचाया
जा
सकता
है
Abbas Tabish
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ये
कौन
आने
जाने
लगा
उस
गली
में
अब
ये
कौन
मेरी
दास्ताँ
दोहराने
वाला
है
Jamal Ehsani
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घर
पहुँचता
है
कोई
और
हमारे
जैसा
हम
तेरे
शहरस
जाते
हुए
मर
जाते
हैं
Abbas Tabish
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हमारी
मुस्कुराहट
लाज़िमी
है
कि
हम
उनकी
गली
से
आ
रहे
हैं
Bhaskar Shukla
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ग़नीमत
है
नगर
वालों
लुटेरों
से
लुटे
हो
तुम
हमें
तो
गांव
में
अक्सर,
दरोगा
लूट
जाता
है
Aalok Shrivastav
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अभी
वो
लौटकर
आया
नहीं
काबे
कि
ज़ानिब
से
मिला
था
गांँव
के
हद
पर
करी
बातें
कवाकिब
से
Afzal Sultanpuri
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भूला
नहीं
हूँ
आज
भी
हालात
गाँव
के
हाँ,
शहर
आ
गया
हूँ
मगर
साथ
गाँव
के
दुनिया
में
मेरा
नाम
जो
रोशन
हुआ
अगर
जलने
लगेंगे
बल्ब
भी
हर
रात
गाँव
के
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Tanoj Dadhich
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इस
शहर
में
जीने
के
अंदाज़
निराले
हैं
होंटों
पे
लतीफ़े
हैं
आवाज़
में
छाले
हैं
Javed Akhtar
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औषधि
जाने
कितनी
लगाई
गई
और
लाखों
रुपए
की
दवाई
गई
कोई
उपचार
जब
काम
ना
आ
सका
हमको
सूरत
तुम्हारी
दिखाई
गई
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Rishabh Katariya
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छोड़कर
अपना
भी
असर
जाएँगे
या
तो
डूबेंगे
या
तो
तर
जाएँगे
प्रेम
एक
ताज
की
तरह
ही
तो
हैं
इसके
पीछे
कितने
ही
सर
जाएँगे
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Rishabh Katariya
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साथ
मुझको
चलाना
नहीं
चाहता
मेरा
कोई
बहाना
नहीं
चाहता
तुमने
जब
से
कहा
है
पराया
हमें
कोई
अपना
बनाना
नहीं
चाहता
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Rishabh Katariya
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दिन
बसर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
यह
असर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
अब
कई
लोग
आकर
के
बसने
लगे
मन
शहर
हो
रहा
है
तुम्हारे
बिना
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Rishabh Katariya
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सांझ
का
जाप
है
तेरे
प्यार
का
हमको
संताप
है
तेरे
प्यार
का
आज
जो
कुछ
भी
है
मेरा
कुछ
नहीं
ये
तो
अभिशाप
है
तेरे
प्यार
का
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Rishabh Katariya
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