तेरेबग़ैरभीहमनेतुझीपेशे'रकहे
रहेअँधेरेमेंऔररौशनीपेशे'रकहे
मुझेवोधमकियाँदेतीहै"मारडालूँगी"
दुबारातुमनेअगरख़ुद-कुशीपेशे'रकहे
क़लमहमाराकभीझूठलिखनहींपाया
जोतीरगीथीतोफिरतीरगीपेशे'रकहे
हमारीफ़िक्रनेपानीमेंज़ह्रदेखावहाँ
जहाँपेआकेसभीनेनदीपेशे'रकहे
उठाकेहाथउदासीयेबोलीमैंभीहूँ
कभीजोमैंनेख़ुशीमेंख़ुशीपेशे'रकहे