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Raunak Karn
yahii to baat hai raunak yahaañ to dard rehta hai
yahii to baat hai raunak yahaañ to dard rehta hai | यही तो बात है 'रौनक' यहाँ तो दर्द रहता है
- Raunak Karn
यही
तो
बात
है
'रौनक'
यहाँ
तो
दर्द
रहता
है
यहाँ
तो
यार
तेरा
आँख
भी
अख़गर
बदलता
है
- Raunak Karn
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ये
उसकी
मेहरबानी
है
वो
घर
में
ही
सँवरती
है
निकल
आए
जो
महफ़िल
में
तो
क़त्ल-ए-आम
हो
जाए
Ashraf Jahangeer
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मैं
ने
आबाद
किए
कितने
ही
वीराने
'हफ़ीज़'
ज़िंदगी
मेरी
इक
उजड़ी
हुई
महफ़िल
ही
सही
Hafeez Banarasi
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मुबारक
मुबारक
नया
साल
आया
ख़ुशी
का
समाँ
सारी
दुनिया
पे
छाया
Akhtar Shirani
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उसने
महफ़िल
से
उठाया
हमको
जिसको
पलकों
पे
बिठाया
हमने
Vishal Bagh
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तुम्हारे
बाद
इस
आँगन
में
फूल
खिलने
पर
ख़ुशी
हुई
भी
तो
ये
दुख
हुआ
कि
दें
किसको
Mohit Dixit
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मोहब्बत
करने
वाले
कम
न
होंगे
तिरी
महफ़िल
में
लेकिन
हम
न
होंगे
Hafeez Hoshiarpuri
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एक
महफ़िल
में
कई
महफ़िलें
होती
हैं
शरीक
जिस
को
भी
पास
से
देखोगे
अकेला
होगा
Nida Fazli
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है
ख़ुशी
इंतिज़ार
की
हर
दम
मैं
ये
क्यूँँ
पूछूँ
कब
मिलेंगे
आप
Nizam Rampuri
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फ़र्त-ए-ख़ुशी
से
अपनी
जो
भी
रश्क
करते
हैं
उनको
तिरी
बनाई
वो
जन्नत
तलब
नहीं
Sabir Hussain
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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हमारी
ही
नज़र
उसको
लगी
है
प्यार
में
'रौनक'
हमीं
अब
क्या
करें
हम
तो
यहाँ
भर
रात
जलते
हैं
Raunak Karn
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समझ
तो
है
नहीं
उसको
किसी
मजबूरियों
की
हाँ
नज़र
आते
कमी
वो
तो
सभी
नौकर
बदलता
है
Raunak Karn
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कौन
रोता
है
अब
यहाँ
पे
यार
आँसू
छिपते
कहाँ
है
क्या
कहे
अब
उस
सेे
भला
हम
अब
वही
कुछ
सुनती
कहाँ
है
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Raunak Karn
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प्यास
से
पानी
कहे
हम
जा
रहे
थे
राह
पे
तो
बोल
इस
सेे
और
अब
बेकार
क्या
हालात
होते
Raunak Karn
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अब
कभी
पूछ
ले
यार,
मेरा
गुनाह
क्या
इस
क़दर
उल्फ़तों
का
सज़ा
दे
गया
मुझे
Raunak Karn
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