hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Pritam sihag
tere baghair meraa afsaana chahta hooñ
tere baghair meraa afsaana chahta hooñ | तेरे बग़ैर मेरा अफ़्साना चाहता हूँ
- Pritam sihag
तेरे
बग़ैर
मेरा
अफ़्साना
चाहता
हूँ
या'नी
कि
ज़िंदगी
में
वीराना
चाहता
हूँ
यूँँ
ही
नहीं
लगाया
सिगरेट
को
लबों
से
मैं
उसकी
सारी
यादें
सुलगाना
चाहता
हूँ
- Pritam sihag
Download Sher Image
कितना
भी
दर्द
पिला
दे
ख़ुदा
पी
सकता
हूँ
ज़िन्दगी
हिज्र
से
भर
दे
मिरी
जी
सकता
हूँ
हर
दफ़ा
दिल
पे
ही
खा
के
हुई
है
आदत
ये
बंद
आँखों
से
भी
हर
ज़ख़्म
को
सी
सकता
हूँ
Read Full
Faiz Ahmad
Send
Download Image
7 Likes
ज़िंदगी
और
चल
नहीं
सकती
आने
पे
मौत
टल
नहीं
सकती
Afzal Sultanpuri
Send
Download Image
3 Likes
ग़म-ए-हयात
में
यूँँ
ढह
गया
नसीब
का
घर
कि
जैसे
बाढ़
में
डूबा
हुआ
गरीब
का
घर
वबायें
आती
गईं
और
लोग
मरते
गए
हमारे
गाँव
में
था
ही
नहीं
तबीब
का
घर
Read Full
Ashraf Ali
Send
Download Image
6 Likes
जो
गुज़ारी
न
जा
सकी
हम
से
हम
ने
वो
ज़िन्दगी
गुज़ारी
है
Jaun Elia
Send
Download Image
133 Likes
शौक़,लत,आवारगी,अय्याशी
में
गुज़री
हमारी
ज़िन्दगी
अब
तू
मुनासिब
सी
सज़ा
दे
गिनती
करके
Kartik tripathi
Send
Download Image
7 Likes
हर
एक
काम
है
धोका
हर
एक
काम
है
खेल
कि
ज़िंदगी
में
तमाशा
बहुत
ज़रूरी
है
Khaleel Mamoon
Send
Download Image
22 Likes
दुख
की
दीमक
अगर
नहीं
लगती
ज़िन्दगी
किस
क़द्र
हसीं
लगती
वस्ल
को
लॉटरी
समझता
हूँ
लॉटरी
रोज़
तो
नहीं
लगती
Read Full
Azbar Safeer
Send
Download Image
34 Likes
ज़िंदगी
तू
ने
मुझे
क़ब्र
से
कम
दी
है
ज़मीं
पाँव
फैलाऊँ
तो
दीवार
में
सर
लगता
है
Bashir Badr
Send
Download Image
57 Likes
तुम
भी
साबित
हुए
कमज़ोर
मुनव्वर
राना
ज़िन्दगी
माँगी
भी
तुमने
तो
दवा
से
माँगी
Munawwar Rana
Send
Download Image
31 Likes
ज़िंदगी
क्या
किसी
मुफ़लिस
की
क़बा
है
जिस
में
हर
घड़ी
दर्द
के
पैवंद
लगे
जाते
हैं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
24 Likes
Read More
किसी
पर
आया
नहीं
ये
दिल
हमारा
फूलों
का
शौक़ीन
है
क़ातिल
हमारा
अब
तो
इस
सागर
में
डूबेगी
ये
कश्ती
यार
पीछे
रह
गया
साहिल
हमारा
वो
जुदा
होने
का
कहकर
हट
गई
थी
क्या
बताऊँ
जीना
है
मुश्किल
हमारा
Read Full
Pritam sihag
Download Image
5 Likes
यूँँ
तो
लिख
लूँगा
अपने
आप
ही
मेरी
कहानी
मैं
हो
इन
में
नाम
गर
अपनों
के
भी
शामिल
तो
क्या
होता
Pritam sihag
Send
Download Image
5 Likes
एक
और
वा'दा
उसने
किया
मोहब्बत
का
पिछले
साल
भी
ऐसे
वादे
से
वो
मुकरी
थी
Pritam sihag
Send
Download Image
7 Likes
मैं
किसी
दिन
दूर
कर
दूँगा
उसे
अय्यारी
से
उड़ती
हैं
कटकर
पतंगे
अपनी
ही
आजादी
से
इश्क़
में
ढेरों
ग़ज़ल
मैंने
लिखी
महबूब
पर
अब
दिखा
दूँ
सारी
की
सारी
मगर
हुश्यारी
से
घोर
अंधेरें
में
इक
गुमनाम
दीपक
सा
हूँ
मैं
इक
अजब
सी
रौशनी
फैलेगी
इस
ख़ामोशी
से
Read Full
Pritam sihag
Download Image
5 Likes
बुरे
हालात
है
तो
क्या
हुआ
इंसान
अच्छा
हूँ
सभी
रहते
यहाँ
मुझ
सेे
खफ़ा
इंसान
अच्छा
हूँ
ये
मेरी
जेब
में
जब
तक
अमीरी
की
निशानी
थी
मुझे
सारा
ज़माना
कहता
था
,
इंसान
अच्छा
हूँ
मैं
तेरी
बे-वफ़ाई
के
सभी
क़िस्सों
से
वाक़िफ़
हूँ
मैंने
फिर
भी
रखी
तुम
सेे
वफ़ा
,इंसान
अच्छा
हूँ
Read Full
Pritam sihag
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Waqt Shayari
Wafa Shayari
Tamanna Shayari
Greed Shayari
Sorry Shayari