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Pritam sihag
main kisi din door kar dooñga use ayyaari se
main kisi din door kar dooñga use ayyaari se | मैं किसी दिन दूर कर दूँगा उसे अय्यारी से
- Pritam sihag
मैं
किसी
दिन
दूर
कर
दूँगा
उसे
अय्यारी
से
उड़ती
हैं
कटकर
पतंगे
अपनी
ही
आजादी
से
इश्क़
में
ढेरों
ग़ज़ल
मैंने
लिखी
महबूब
पर
अब
दिखा
दूँ
सारी
की
सारी
मगर
हुश्यारी
से
घोर
अंधेरें
में
इक
गुमनाम
दीपक
सा
हूँ
मैं
इक
अजब
सी
रौशनी
फैलेगी
इस
ख़ामोशी
से
- Pritam sihag
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दुश्मनी
लाख
सही
ख़त्म
न
कीजे
रिश्ता
दिल
मिले
या
न
मिले
हाथ
मिलाते
रहिए
Nida Fazli
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मुझ
ऐसा
शख़्स
अगर
क़हक़हों
से
भर
जाए
ये
साँस
लेती
उदासी
तो
घुट
के
मर
जाए
वो
मेरे
बाद
तरस
जाएगा
मोहब्बत
को
उसे
ये
कहना
अगर
हो
सके
तो
मर
जाए
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Rakib Mukhtar
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हमारा
ख़ून
का
रिश्ता
है
सरहदों
का
नहीं
हमारे
ख़ून
में
गँगा
भी
चनाब
भी
है
Kanval Ziai
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हम
इश्क़
के
मारों
का
इतना
ही
फ़साना
है
रोने
को
नहीं
कोई
हँसने
को
ज़माना
है
Jigar Moradabadi
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अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
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Tanoj Dadhich
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जो
बच
गए
हैं
चराग़
उनको
बचाये
रक्खो
मैं
चाहता
हूँ
हवा
से
रिश्ता
बनाये
रक्खो
Azm Shakri
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लो
आज
हमने
तोड़
दिया
रिश्ता-ए-उम्मीद
लो
अब
कभी
गिला
न
करेंगे
किसी
से
हम
Sahir Ludhianvi
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लिख
दिया
था
जिल्द
पर
ईसा
का
नाम
साँस
लेने
लग
गए
औराक़
सब
Kiran K
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प्यार
का
रिश्ता
ऐसा
रिश्ता
शबनम
भी
चिंगारी
भी
यानी
उन
सेे
रोज़
ही
झगड़ा
और
उन्हीं
से
यारी
भी
Ateeq Allahabadi
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उसने
हँसते
हुए
तोड़ा
था
हमारा
रिश्ता
हम
सभी
को
ये
बताते
हुए
रो
देते
हैं
Zubair Alam
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उसने
इक
दिन
छोड़ने
की
बात
कह
दी
यानी
मेरे
दिल
की
बातें
जानती
थी
Pritam sihag
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आरज़ू
है
कि
उस
सेे
मुलाक़ात
हो
कलयुगी
धरती
पर
ये
करामात
हो
ये
सफ़र
कितना
आसान
हो
जाता
है
जब
मिरे
पथ
पे
तेरे
निशानात
हो
मौन
हूँ
इसका
कोई
सबब
है
गुरु
सोचता
हूँ
कभी
तो
इशारात
हो
याद
कर
लूँगा
सारे
जवाबात
मैं
इश्क़
पर
कोई
तो
इक
बयानात
हो
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Pritam sihag
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अरे
ख़ुद-कुशी
करने
वाले
ज़रा
रुक
वतन
पर
मरो
ऐसे
क्या
मर
रहे
हो
Pritam sihag
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ये
सोचा
था
ग़रीबी
को
किताबों
से
मिटाऊँगा
न
था
मालूम
मैं
भूखा
किताबें
ही
खा
जाऊँगा
मिरे
कंधों
पे
घर
का
बोझ
आता
जा
रहा
है
अब
मैं
अब
ख़्वाबों
को
बाहर
का
ही
रास्ता
तो
दिखाऊंँगा
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Pritam sihag
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यूँँ
ही
नहीं
लगाया
सिगरेट
को
लबों
से
मैं
उसकी
सारी
यादें
सुलगाना
चाहता
हूँ
Pritam sihag
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