hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prit
tere hijr men din kuchh aise kate hain
tere hijr men din kuchh aise kate hain | तेरे हिज्र में दिन कुछ ऐसे कटे हैं
- Prit
तेरे
हिज्र
में
दिन
कुछ
ऐसे
कटे
हैं
तड़पता
हुआ
कोई
मरता
हो
जैसे
तू
मिल
तुझको
ऐसे
गले
से
लगाऊँ
समुंदर
में
दरिया
उतरता
हो
जैसे
- Prit
Download Ghazal Image
इक
रोज़
इक
नदी
के
किनारे
मिलेंगे
हम
इक
दूसरे
से
अपना
पता
पूछते
हुए
Shahbaz Rizvi
Send
Download Image
38 Likes
उतरी
हुई
नदी
को
समुंदर
कहेगा
कौन
सत्तर
अगर
हैं
आप
बहत्तर
कहेगा
कौन
पपलू
से
उनकी
बीवी
ने
कल
रात
कह
दिया
मैं
देखती
हूँ
आपको
शौहर
कहेगा
कौन
Read Full
Paplu Lucknawi
Send
Download Image
26 Likes
तुम
ने
किया
है
तुम
ने
इशारा
बहुत
ग़लत
दरिया
बहुत
दुरुस्त
किनारा
बहुत
ग़लत
Nabeel Ahmed Nabeel
Send
Download Image
24 Likes
अगर
फ़ुर्सत
मिले
पानी
की
तहरीरों
को
पढ़
लेना
हर
इक
दरिया
हज़ारों
साल
का
अफ़्साना
लिखता
है
Bashir Badr
Send
Download Image
38 Likes
कोई
समुन्दर,
कोई
नदी
होती,
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता?
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
85 Likes
चाँद
चेहरा
ज़ुल्फ़
दरिया
बात
ख़ुशबू
दिल
चमन
इक
तुम्हें
दे
कर
ख़ुदा
ने
दे
दिया
क्या
क्या
मुझे
Bashir Badr
Send
Download Image
78 Likes
अब
तो
दरिया
सूख
चुका
है
अब
तो
इस
शम्मा
को
बुझा
दो
Siddharth Saaz
Send
Download Image
27 Likes
जो
उस
तरफ़
से
इशारा
कभी
किया
उस
ने
मैं
डूब
जाऊंगा
दरिया
को
पार
करते
हुए
Ghulam Murtaza Rahi
Send
Download Image
31 Likes
मुतअस्सिर
हैं
यहाँ
सब
लोग
जाने
क्या
समझते
हैं
नहीं
जो
यार
शबनम
भी
उसे
दरिया
समझते
हैं
हक़ीक़त
सारी
तेरी
मैं
बता
तो
दूँ
सर-ए-महफ़िल
मगर
ये
लोग
सारे
जो
तुझे
अच्छा
समझते
हैं
Read Full
Nirvesh Navodayan
Send
Download Image
7 Likes
आँख
आँसू
को
ऐसे
रस्ता
देती
है
जैसे
रेत
गुज़रने
दरिया
देती
है
कोई
भी
उसको
जीत
नहीं
पाया
अब
तक
वैसे
वो
हर
एक
को
मौक़ा
देती
है
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
54 Likes
Read More
दर
से
तेरे
जो
निकले
हम,
फिर
भटके
कूचे
कूचे
में
फिर
दर-ब-दर
हुए
सनम,
तेरी
गली
में
मर
गए
Prit
Send
Download Image
7 Likes
मेरे
नाम
से
उसने
नाम
उसका
कुछ
ऐसे
बदला
जैसे
भाड़ा
ज़्यादा
मिलने
पर
किराएदार
बदल
दिए
जाते
हों
Prit
Send
Download Image
5 Likes
ख़ुदा
जाने
ख़ुदा
कैसा
ख़ुदा
को
किसने
देखा
है
कहो,
तुम
भी
ख़ुदा
माँ–बाप
को
ही
मानते
हो
ना
Prit
Send
Download Image
22 Likes
आज
तो
ख़ुदा
को
भी
बेनक़ाब
करना
है
रे,
उसे
बुलाओ,
उसका
हिसाब
करना
है
आब-ए-चश्म
को
अपने
बहा
के
सागर
में
आज
तो
मुझे
सागर
को
शराब
करना
है
छीनकर
काँसा
उसको
अपना
ताज
देकर
के
उस
फ़कीर
को
भी
मैने
नवाब
करना
है
शा'इरी
बना
कर
सब
को
सुना
के
ऐसे
ही
"प्रीत"
हर
शख़्स
को
मैंने
गुलाब
करना
है
Read Full
Prit
Download Image
5 Likes
अभी
तुमने
मुहब्बत
देखी
है,
नफ़रत
कहाँ
देखी
अभी
सिक्के
का
तुमने
सिर्फ़
इक
ही
पहलू
देखा
है
Prit
Send
Download Image
8 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bharosa Shayari in Hindi
Politics Shayari
Dost Shayari
Gaon Shayari
Hijrat Shayari