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Prit
abhii tumne muhabbat dekhi hai nafrat kahaan dekhi
abhii tumne muhabbat dekhi hai nafrat kahaan dekhi | अभी तुमने मुहब्बत देखी है, नफ़रत कहाँ देखी
- Prit
अभी
तुमने
मुहब्बत
देखी
है,
नफ़रत
कहाँ
देखी
अभी
सिक्के
का
तुमने
सिर्फ़
इक
ही
पहलू
देखा
है
- Prit
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लुत्फ़
आता
है
बहुत
सोच
के
मुझको
कि
रक़ीब
रंगत-ए-लब
को
तेरी
पान
समझते
होंगे
Ameer Imam
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हम
अम्न
चाहते
हैं
मगर
ज़ुल्म
के
ख़िलाफ़
गर
जंग
लाज़मी
है
तो
फिर
जंग
ही
सही
Sahir Ludhianvi
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जुदा
किसी
से
किसी
का
ग़रज़
हबीब
न
हो
ये
दाग़
वो
है
कि
दुश्मन
को
भी
नसीब
न
हो
Nazeer Akbarabadi
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तुम्हारे
ख़त
में
नया
इक
सलाम
किसका
था
न
था
रक़ीब
तो
आख़िर
वो
नाम
किसका
था
Dagh Dehlvi
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सारी
दुनिया
ने
तो
नफ़रत
से
पुकारा
मुझको
माँ
समझती
है
मगर
आँख
का
तारा
मुझको
Muneer shehryaar
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ज़रा
मौसम
तो
बदला
है
मगर
पेड़ों
की
शाख़ों
पर
नए
पत्तों
के
आने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
बहुत
से
ज़र्द
चेहरों
पर
ग़ुबार-ए-ग़म
है
कम
बे-शक
पर
उन
को
मुस्कुराने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
Javed Akhtar
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तेरी
तारीफ़
करने
लग
गए
हैं
तेरे
दुश्मन
हमारे
शे'र
सुनके
Tanoj Dadhich
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देश
मेरा
जंग
तो
जीता
मगर
लौट
कर
आया
नहीं
बेटा
मेरा
Divy Kamaldhwaj
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ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
Kashif Sayyed
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बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
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Chandan Sharma
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'प्रीत'
जिस
तिस
बहाने
कर
भी
ले
एक
तितली
से
बात
फूलों
की
Prit
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मुझे
सौगंध
राँझे
की
अगर
इतनी
मोहब्बत
मैं
किसी
पत्थर
को
करता
तो
वो
पत्थर
भी
पिघल
जाता
Prit
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जब
तू
मुझे
मिलने
आया
ही
नहीं
तो
फिर
ये
तेरे
गले
के
नीचे
होंटों
के
निशाँ
कैसे?
Prit
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जिस
तरफ़
"प्रीत"
सारे
ज़माने
गए
आग
हम
उस
दिशा
में
लगाने
गए
प्यार
मिलना
न
मिलना
मुकद्दर
रहा
हम
फ़क़त
दिल
की
बातें
बताने
गए
बात
दिल
की
किसी
ने
सुनी
ना
कही
हम
तो
महफ़िल
में
बस
गीत
गाने
गए
तेरी
फुरकत
भी
हमने
गुज़ारी
सनम
फिर
शराबों
की
बोतल
उठाने
गए
वो
किसी
गैर
के
साथ
सोया
मिला
हम
उसे
प्यार
से
जब
मनाने
गए
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Prit
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हुस्न
की
इक
परी
है
जान
मेरी
सो
रक़ीब
आसमान
है
मेरा
Prit
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