hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prit
KHuda jaane KHuda kaisa KHuda ko kisne dekha hai
KHuda jaane KHuda kaisa KHuda ko kisne dekha hai | ख़ुदा जाने ख़ुदा कैसा ख़ुदा को किसने देखा है
- Prit
ख़ुदा
जाने
ख़ुदा
कैसा
ख़ुदा
को
किसने
देखा
है
कहो,
तुम
भी
ख़ुदा
माँ–बाप
को
ही
मानते
हो
ना
- Prit
Download Sher Image
तुम
भी
वैसे
थे
मगर
तुम
को
ख़ुदा
रहने
दिया
इस
तरह
तुम
को
ज़माने
से
जुदा
रहने
दिया
Khalil Ur Rehman Qamar
Send
Download Image
67 Likes
कहा
था
क्या
और
क्या
बने
हो
अजब
सा
इक
मसअला
बने
हो
हमारी
मर्ज़ी
कहाँ
थी
शामिल
तुम
अपने
मन
से
ख़ुदा
बने
हो
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
34 Likes
जिस
ने
इस
दौर
के
इंसान
किए
हैं
पैदा
वही
मेरा
भी
ख़ुदा
हो
मुझे
मंज़ूर
नहीं
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
25 Likes
कश्तियाँ
सब
की
किनारे
पे
पहुँच
जाती
हैं
नाख़ुदा
जिन
का
नहीं
उन
का
ख़ुदा
होता
है
Ameer Minai
Send
Download Image
29 Likes
हम
ऐसों
को
बना
कर
के
ख़ुदा
उकता
गया
था
फिर
तेरी
आँखें
बना
डाली
तेरा
चेहरा
बना
डाला
Ankit Maurya
Send
Download Image
46 Likes
कितनी
सराहत
से
ख़ुदा
ने
की
तिरी
कारीगरी
शफ़्फ़ाफ़
शीशे
को
तराशा,
हूर
का
पैकर
दिया
Aditya Pandey
Send
Download Image
2 Likes
गुनाहगार
को
इतना
पता
तो
होता
है
जहाँ
कोई
नहीं
होता
ख़ुदा
तो
होता
है
Waseem Barelvi
Send
Download Image
92 Likes
तुम्हारा
तो
ख़ुदास
राबता
है
तो
देखो
ना,
हमारे
दुख
बता
कर
Siddharth Saaz
Send
Download Image
36 Likes
सर
झुकाओगे
तो
पत्थर
देवता
हो
जाएगा
इतना
मत
चाहो
उसे
वो
बे-वफ़ा
हो
जाएगा
Bashir Badr
Send
Download Image
80 Likes
ऐ
आसमान
तेरे
ख़ुदा
का
नहीं
है
ख़ौफ़
डरते
हैं
ऐ
ज़मीन
तेरे
आदमी
से
हम
Unknown
Send
Download Image
32 Likes
Read More
दर
से
तेरे
जो
निकले
हम,
फिर
भटके
कूचे
कूचे
में
फिर
दर-ब-दर
हुए
सनम,
तेरी
गली
में
मर
गए
Prit
Send
Download Image
7 Likes
ज़रा
सी
बात
तू
समझ
सकी
नहीं
वो
ज़िंदगी
में
है,
वो
ज़िंदगी
नहीं
मैं
मर
गया,
मेरी
वफ़ा
मरी
नहीं
ये
आग
तो
बुझाने
से
बुझी
नहीं
चढ़ाव
उतार
उस
बदन
के
पढ़
लिए
वो
बुक
जो
पढ़नी
चाहिए,
पढ़ी
नहीं
वो
हाथ
तक
तो
आई,
मुँह
नहीं
लगी
जो
मेरे
साथ
थी,
मेरी
हुई
नहीं
कुछ
इस
तरह
हमारा
रब्त
टूटा
था
अमीर
की
फ़क़ीर
से
बनी
नहीं
मैं
एक
हश्र
था,
जो
उसपे
बरपा
था
वो
मेरे
बाद
चैन
से
रही
नहीं
तू
मेरे
जैसा
कोई
एक
ढूँढ़
ला
जो
तेरा
हो
मगर
तेरा
हो
भी
नहीं
ग़म
ए
फ़िराक
में
नया
बदन
चखा
नई
शराब
भी
हज़म
हुई
नहीं
वे
लोग
मर
गए
जो
मुझ
पे
मरते
थे
तू
धोखा
दे
गई,
सो
तू
मरी
नहीं
Read Full
Prit
Download Image
1 Like
उसे
मुझ
सेे
मोहब्बत
है
तभी
तो
हर
दफ़ा
वो
'प्रीत'
परायों
को
मनाने
के
लिए
मुझको
रुलाता
है
Prit
Send
Download Image
4 Likes
जिस्म
छलनी
हो
चुका
है
रूह
घाइल
हो
चुकी
है
प्यार
में
कान्हा
के
मीरा
कितनी
पागल
हो
चुकी
है
तेरे
दर्शन
की
तमन्ना
में
निकल
आई
है
घर
से
ज़हर
पी
कर
प्रेम
बरसाए
वो
बादल
हो
चुकी
है
Read Full
Prit
Send
Download Image
0 Likes
यूँँ
भी
नाकाम
किया
ज़िंदगी
को
उम्र
भर
काम
ही
करते
रहे
हम
Prit
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Tanz Shayari
Sharaab Shayari
Kiss Shayari
Bijli Shayari
Life Shayari