zaraa si baat tu samajh saki nahin | ज़रा सी बात तू समझ सकी नहीं

  - Prit
ज़रासीबाततूसमझसकीनहीं
वोज़िंदगीमेंहै,वोज़िंदगीनहीं
मैंमरगया,मेरीवफ़ामरीनहीं
येआगतोबुझानेसेबुझीनहीं
चढ़ावउतारउसबदनकेपढ़लिए
वोबुकजोपढ़नीचाहिए,पढ़ीनहीं
वोहाथतकतोआई,मुँहनहींलगी
जोमेरेसाथथी,मेरीहुईनहीं
कुछइसतरहहमारारब्तटूटाथा
अमीरकीफ़क़ीरसेबनीनहीं
मैंएकहश्रथा,जोउसपेबरपाथा
वोमेरेबादचैनसेरहीनहीं
तूमेरेजैसाकोईएकढूँढ़ला
जोतेराहोमगरतेराहोभीनहीं
ग़मफ़िराकमेंनयाबदनचखा
नईशराबभीहज़महुईनहीं
वेलोगमरगएजोमुझपेमरतेथे
तूधोखादेगई,सोतूमरीनहीं
  - Prit
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