hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prit
jism chhalni ho chuka hai rooh ghaayal ho chuki hai
jism chhalni ho chuka hai rooh ghaayal ho chuki hai | जिस्म छलनी हो चुका है रूह घाइल हो चुकी है
- Prit
जिस्म
छलनी
हो
चुका
है
रूह
घाइल
हो
चुकी
है
प्यार
में
कान्हा
के
मीरा
कितनी
पागल
हो
चुकी
है
तेरे
दर्शन
की
तमन्ना
में
निकल
आई
है
घर
से
ज़हर
पी
कर
प्रेम
बरसाए
वो
बादल
हो
चुकी
है
- Prit
Download Sher Image
तूने
मुझपे
बहुत
सितम
ढाए
सो
मेरी
उम्र
तुझको
लग
जाए
दिल
की
हालत
बिगाड़
दी
मैंने
कौन
कम-ज़र्फ़
पर
तरस
खाए
गुज़रे
दिन
जो
गुज़र
गया
सदा
को
कहो
उस
सेे
कि
घर
को
लौट
आए
कौन
शायर
से
इश्क़
कर
बैठा
किसने
सहरा
में
अब्र
बरसाए
Read Full
Prit
Download Image
2 Likes
हरारत
कर
कोई,
मैं
तेरे
दिल
में
घर
बना
लूँ
फिर
तेरी
आँखें,
तेरी
मुस्कान,
तेरा
दिल
संवारूँ
फिर
कभी
बे
पैरहन
जब
तू
मेरे
आग़ोश
में
आए
गले
लगकर
मैं,
तेरे
जिस्म
का
नक़्शा
उतारूँ
फिर
Read Full
Prit
Send
Download Image
3 Likes
लाख
चेहरा
हसीं
रखें
लेकिन
अपना
दिल
दाग़
दाग़
रखते
हैं
अक्ल
को
बोझ
जानता
हूँ
मैं
लोग
दिल
में
दिमाग़
रखते
हैं
Read Full
Prit
Send
Download Image
2 Likes
लहू
दिल
का
निकाला
और
काग़ज
में
पिरोया
है
फ़कत
इक
शे'र
लिखने,
"प्रीत"
पूरी
रात
रोया
है
Prit
Send
Download Image
9 Likes
ज़िंदगी
काम
कर
गई
अपना
मौत
तुम
काफ़ी
देर
से
आई
Prit
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Patang Shayari
Friendship Shayari
Teacher Shayari
Hasrat Shayari
Azal Shayari