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Amanpreet singh
KHuda ke ghar se main doori banaoonga
KHuda ke ghar se main doori banaoonga | ख़ुदा के घर से मैं दूरी बनाऊँगा
- Amanpreet singh
ख़ुदा
के
घर
से
मैं
दूरी
बनाऊँगा
जी
फिर
मैं
घर
में
मजबूरी
बनाऊँगा
- Amanpreet singh
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किस
किस
को
बताएँगे
जुदाई
का
सबब
हम
तू
मुझ
से
ख़फ़ा
है
तो
ज़माने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
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दर्द-ए-मुहब्बत
दर्द-ए-जुदाई
दोनों
को
इक
साथ
मिला
तू
भी
तन्हा
मैं
भी
तन्हा
आ
इस
बात
पे
हाथ
मिला
Abrar Kashif
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बता
रहा
है
झटकना
तेरी
कलाई
का
ज़रा
भी
रंज
नहीं
है
तुझे
जुदाई
का
मैं
ज़िंदगी
को
खुले
दिल
से
खर्च
करता
था
हिसाब
देना
पड़ा
मुझको
पाई-पाई
का
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Azhar Faragh
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बड़े
लोगों
से
मिलने
में
हमेशा
फ़ासला
रखना
जहाँ
दरिया
समुंदर
से
मिला
दरिया
नहीं
रहता
Bashir Badr
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सब
का
ख़ुशी
से
फ़ासला
एक
क़दम
है
हर
घर
में
बस
एक
ही
कमरा
कम
है
Javed Akhtar
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उस
मेहरबाँ
नज़र
की
इनायत
का
शुक्रिया
तोहफ़ा
दिया
है
ईद
पे
हम
को
जुदाई
का
Unknown
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दूरी
हुई
तो
उन
सेे
क़रीब
और
हम
हुए
ये
कैसे
फ़ासले
थे
जो
बढ़ने
से
कम
हुए
Waseem Barelvi
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कैसी
बिपता
पाल
रखी
है
क़ुर्बत
की
और
दूरी
की
ख़ुशबू
मार
रही
है
मुझ
को
अपनी
ही
कस्तूरी
की
Naeem Sarmad
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थी
वस्ल
में
भी
फ़िक्र-ए-जुदाई
तमाम
शब
वो
आए
तो
भी
नींद
न
आई
तमाम
शब
Momin Khan Momin
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मंज़िलें
क्या
हैं,
रास्ता
क्या
है
हौसला
हो
तो
फ़ासला
क्या
है
Aalok Shrivastav
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लतीफ़ा
लग
रहा
अब
इश्क़
ये
तेरा
हँसी
आई
तेरे
ख़त
प्यार
के
पढ़
के
Amanpreet singh
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उसके
इज़हार
में
तो
देरी
है
जाने
को
आई
ट्रेन
मेरी
है
रुख़्सती
हो
चुकी
है
उसकी
पर
जान
अब
भी
मगर
वो
मेरी
है
होंठ
भी
चूमने
थे
उसके
तो
जिसकी
काग़ज़
में
यादें
ढ़ेरी
है
इश्क़
गर
बे-वफ़ाई
करता
है
फिर
ख़ुदाया
ये
चाल
तेरी
है
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Amanpreet singh
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वो
बदन
कभी
मेरा
तो
हुआ
नहीं
लेकिन
उस
बदन
कि
ख़ुशबू
से
राबता
रहा
काफ़ी
Amanpreet singh
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निकल
पाया
नहीं
ये
डर
हमारा
कभी
बिकने
लगेगा
घर
हमारा
तुम्हें
ये
सब
तो
अब
दिखता
नहीं
है
दिखेगा
फिर
किसे
ये
डर
हमारा
ज़मीं
पर
ज़ोर
से
फेंका
गया
था
तुम्हारे
साथ
था
बिस्तर
हमारा
हमें
अब
रास्तों
में
मिलता
है
जो
वही
तो
था
कभी
दिलबर
हमारा
तुम्हारे
बाद
दिल
टूटा
मिला
है
वो
सह
पाया
न
दिल
ठोकर
हमारा
वही
इक
शख़्स
तो
सब
कुछ
था
मेरा
वही
इक
शख़्स
था
ज़ेवर
हमारा
तेरे
दर
पर
किया
करते
थे
हम
तो
तेरा
वो
दर
ही
था
दफ़्तर
हमारा
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Amanpreet singh
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ज़मीं
पर
फेंक
कर
उसका
ये
कहना
है
मोहब्बत
में
तो
इतना
गिरना
बनता
है
Amanpreet singh
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