udhar to ghar tumhaari baat karta rah gaya tha main | उधर तो घर तुम्हारी बात करता रह गया था मैं

  - Amanpreet singh
उधरतोघरतुम्हारीबातकरतारहगयाथामैं
तुम्हेंलेजाचुकाकोईकेडरतारहगयाथामैं
समझआयातुम्हेंतोमैंबताऊँगाकभीक्याथा
वोइकलम्हाकेजिस
मेंख़ुदगुज़रतारहगयाथामैं
बदलजानेकीआदतभीतुम्हींसेसीखनीहैअब
उधरपूरीहुईथीतुमबिखरतारहगयाथामैं
तुम्हेंकुछफ़र्क़पड़ताहीनहींशायदयहीसचहै
इधरहँसतीरहीतुमऔरमरतारहगयाथामैं
हुएहैरानमुझकोदेखकरयेलोगऐसेभी
तुम्हारेहिज्रमेंऐसासँवरतारहगयाथामैं
  - Amanpreet singh
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy