बोलसकतानहींइतनाटूटाहूॅंमैं
आसमाँकोयूँँहीथोड़ीतकताहूॅंमैं
अबजहाँपरकोईभीनहींरहताहै
लापतासेउसीघरकानक़्शाहूॅंमैं
आजजंगलमेंबसबातहोगीमेरी
पेड़काटेबिनाशहरलौटाहूॅंमैं
तितलियाँपूछतीरहतीहैंमुझसेेये
फूलोंकोतोड़करकैसेहँसताहूॅंमैं
इकवहीशख़्समुझकोबड़ायादहै
इकवहीदाग़हररोज़धोताहूॅंमैं