वस्ल-ए-जानाँकीबातऔरमगर
दर्द-ए-हिज्राँमेंभीक़रारतोहै
जुर्मसंगीनहैतोबिस्मिल्लाह
आपकेहाथमेंकटारतोहै
शुक्रहैदौर-ए-बे-बसीमेंभी
मुस्कुरानेकाइख़्तियारतोहै
देखकरहालत-ए-ज़ुबूँमेरी
हँसकेवोबोलेकुछसुधारतोहै
औरकुछहोनहोग़ज़ल-गोई
एकदिलचस्परोज़गारतोहै
लाखइनकारतुमकरो'ज़ामी'
उसपरी-रुख़सेतुमकोप्यारतोहै