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Pankaj murenvi
maine khudko yuñ is qabil rakha hai
maine khudko yuñ is qabil rakha hai | मैंने ख़ुदको यूँँ इस क़ाबिल रक्खा है
- Pankaj murenvi
मैंने
ख़ुदको
यूँँ
इस
क़ाबिल
रक्खा
है
काँटो
में
ख़ुश्बू
को
शामिल
रक्खा
है
मानें
नइँ
होंगे
शायद
घर
पे
उसके
बस
इन
बातों
से
मैंने
दिल
रक्खा
है
- Pankaj murenvi
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तू
अपने
घर
में
मुहब्बत
की
जीत
पर
ख़ुश
है
अभी
ठहर
के
मेरा
ख़ानदान
बाक़ी
है
Siraj Faisal Khan
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घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
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अजब
अंदाज़
से
ये
घर
गिरा
है
मिरा
मलबा
मिरे
ऊपर
गिरा
है
Aanis Moin
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चराग़
घर
का
हो
महफ़िल
का
हो
कि
मंदिर
का
हवा
के
पास
कोई
मसलहत
नहीं
होती
Waseem Barelvi
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अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
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इन
का
उठना
नहीं
है
हश्र
से
कम
घर
की
दीवार
बाप
का
साया
Unknown
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जिसे
तुम
काट
आए
उस
शजर
को
ढूँढता
होगा
परिंदा
लौटकर
के
अपने
घर
को
ढूँढता
होगा
Bhaskar Shukla
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पहले
कहता
है
जुनूँ
उसका
गिरेबान
पकड़
फिर
मेरा
दिल
मुझे
कहता
है
इधर
कान
पकड़
ऐसी
वहशत
भी
न
हो
घर
के
दरो
बाम
कहें
कोई
आवाज़
ही
ले
आ
कोई
मेहमान
पकड़
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Azbar Safeer
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ज़मीं
पे
घर
बनाया
है
मगर
जन्नत
में
रहते
हैं
हमारी
ख़ुश-नसीबी
है
कि
हम
भारत
में
रहते
हैं
Mehshar Afridi
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कहाँ
रोते
उसे
शादी
के
घर
में
सो
इक
सूनी
सड़क
पर
आ
गए
हम
Shariq Kaifi
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मैं
भी
रहता
हूँ
अब
मुझ
से
खोया
हुआ
सा
इक
तूही
नइँ
है
जो
मुझ
सेे
जुदा
हुआ
था
Pankaj murenvi
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मिटा
मुहब्बत
से
दूँ
डर
को
उसके
जो
मुझे
पता
लग
जाए
गर
उसके
डर
का
उसके
ख़त
का
जवाब
लिखना
है
मुझको
नया
पता
मिल
जाए
गर
उसके
घर
का
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Pankaj murenvi
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रखना
था
ज़िन्दा
दूर
तक
मुहब्बत
को
फिर
हमने
रास्ता
ज़ुदा
ज़ुदा
करने
को
सोचा
Pankaj murenvi
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एक
परिन्दे
का
घर
उजाड़
दिया
किसी
ने
बस
बच्चों
के
इक
दिन
के
झूले
की
ख़ातिर
Pankaj murenvi
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दिल
अब
बस
के
बाहर
है
जबसे
देखी
है
अदा
नज़ाकत
उसकी
लेना
है
क़ब्ज़ा
उसके
दिल
पर
लेकिन
है
बहुत
हिफ़ाज़त
उसकी
Pankaj murenvi
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