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Pankaj murenvi
kabhi sisakti hain meri aañkhen
kabhi sisakti hain meri aañkhen | कभी सिसकती हैं मेरी आँखें
- Pankaj murenvi
कभी
सिसकती
हैं
मेरी
आँखें
कभी
झपकती
हैं
मेरी
आँखें
तेरी
यादों
में
सावन
सी
दिन
रात
टपकती
हैं
मेरी
आँखें
बेलों
सी
मुरझी
इंतिज़ार
में
तिरे
लटकती
हैं
मेरी
आँखें
मिलने
को
तुम
सेे
पंकज
अब
तक
यार
भटकती
हैं
मेरी
आँखें
- Pankaj murenvi
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चारा-गर
तो
तभी
बचा
पाएँगे
ना
चारा-गर
की
जान
बचाओ
पहले
तो
Siddharth Saaz
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मैं
कहता
हूँ
"सुनो
लड़की!
मुझे
कुछ
तुम
से
कहना
था"
वो
ऐसे
पूछती
है
फिर
मैं
सब
कुछ
भूल
जाता
हूँ
Shadab Asghar
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सगी
बहनों
का
जो
रिश्ता
रिश्ता
है
उर्दू
और
हिन्दी
में
कहीं
दुनिया
की
दो
ज़िंदा
ज़बानों
में
नहीं
मिलता
Munawwar Rana
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मिलने
की
तरह
मुझ
सेे
वो
पल
भर
नहीं
मिलता
दिल
उस
से
मिला
जिस
सेे
मुक़द्दर
नहीं
मिलता
Naseer Turabi
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अगर
मैं
कथा
का
क़लमकार
होता
यक़ीनन
ही
वो
तो
मिरा
यार
होता
लगाती
नहीं
हर
दफ़ा
वो
बहाने
लगा
लेती
सीने
से
गर
प्यार
होता
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Vijay Potter Singhadiya
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रहबर
भी
ये
हमदम
भी
ये
ग़म-ख़्वार
हमारे
उस्ताद
ये
क़ौमों
के
हैं
में'मार
हमारे
Unknown
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आदतन
उसके
लिए
फूल
ख़रीदे
वरना
नहीं
मालूम
वो
इस
बार
यहाँ
है
कि
नहीं
Abbas Tabish
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गले
में
उस
के
ख़ुदा
की
अजीब
बरकत
है
वो
बोलता
है
तो
इक
रौशनी
सी
होती
है
Bashir Badr
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इतना
आसान
नहीं
होता
है
शायर
कहलाना
दर्दों
को
कहने
से
पहले
सहना
भी
पड़ता
है
Harsh saxena
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इश्क़
हुआ
है
क्या
तुझ
को
भी
तेरा
जो
होगा
सो
होगा
shaan manral
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नज़र
में
है
मुहब्बत
बस
हमारे
तो
मुहब्बत
भर
के
ही
देखा
करेंगे
हम
Pankaj murenvi
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ज़ख़्म
तिरे
हैं
जो
सब
पाले
हुए
रखे
हैं
मैंने
वो
कुछ
ख़त
अब
तक
भी
सँभाले
हुए
रखे
हैं
मैंने
Pankaj murenvi
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बा-कमाल
जादू
दिल
पर
होता
है
जो
उसका
गर
देख
ले
नज़र
भर
के
वो
जिसको
वो
उसका
Pankaj murenvi
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लोग
थोड़ी
सी
ज़रूरत
के
लिए
वोट
देते
हैं
मुसीबत
के
लिए
पूछते
हम
क्यूँ
नहीं
सरकार
से
लोग
लड़ते
क्यूँ
हैं
बिदअत
के
लिए
कर
दिए
सरकार
ने
बर्बाद
जो
घर
बनाए
थे
सुकूनत
के
लिए
क्या
मिरे
मंदिर
तिरी
क्या
मस्जिदें
यार
हैं
तो
सब
इबादत
के
लिए
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Pankaj murenvi
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है
किसको
तेरे
जिस्म
ए
ख़ाकी
की
ख़्वाहिश
हम
तो
ज़ुल्फ़ों
के
साए
में
रात
बिताने
को
मरते
हैं
Pankaj murenvi
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