yaar ki chaahat men mehfil tak jaate hain | यार की चाहत में महफ़िल तक जाते हैं

  - Neeraj Naveed
यारकीचाहतमेंमहफ़िलतकजातेहैं
यानीहमख़ुदहीक़ातिलतकजातेहैं
वोपत्थरहैसोवोपासनहींआता
हमदरियाहैं,सोसाहिलतकजातेहैं
हालांकिएकजिस्मकीबाधाआतीहै
परदीवानेसीधादिलतकजातेहैं
सोचनेसेहीमंज़िलनइमिलतीहैदोस्त
चलनेवालेहीमंज़िलतकजातेहैं
आसानीतकसाथसभीरहतेहैंपर
अपनेवोहैंजोमुश्किलतकजातेहैं
राह-ए-सफ़रहैदुनिया,“नीरज”यादरहे
रस्तेसबइकहीमंज़िलतकजातेहैं
  - Neeraj Naveed
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