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Manoj Devdutt
sharm ab to mar gaii hai hamaari
sharm ab to mar gaii hai hamaari | शर्म अब तो मर गई है हमारी
- Manoj Devdutt
शर्म
अब
तो
मर
गई
है
हमारी
इश्क़
में
जब
से
पड़े
हैं
तुम्हारे
- Manoj Devdutt
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अल्लाह
अल्लाह
हुस्न
की
ये
पर्दा-दारी
देखिए
भेद
जिस
ने
खोलना
चाहा
वो
दीवाना
हुआ
Arzoo Lakhnavi
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इक
तो
ये
नूर
उस
पे
मेरी
शर्म
भी
अलग
तू
सामने
रहा
तो
निगह
उठ
न
पाएगी
shaan manral
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तू
ने
ये
क्या
ग़ज़ब
किया
मुझ
को
भी
फ़ाश
कर
दिया
मैं
ही
तो
एक
राज़
था
सीना-ए-काएनात
में
Allama Iqbal
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पहले
तो
मेरी
याद
से
आई
हया
उन्हें
फिर
आइने
में
चूम
लिया
अपने-आप
को
Shakeb Jalali
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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लजा
कर
शर्म
खा
कर
मुस्कुरा
कर
दिया
बोसा
मगर
मुँह
को
बना
कर
Unknown
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जो
तेरी
बाँहों
में
हँसती
रही
है
खेली
है
वो
लड़की
राज़
नहीं
है
कोई
पहेली
है
हाँ
मेरा
हाथ
पकड़
कर
झटक
दिया
उसने
सहारा
दे
के
बताया
कि
तू
अकेली
है
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Tajdeed Qaiser
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हया
से
सर
झुका
लेना
अदास
मुस्कुरा
देना
हसीनों
को
भी
कितना
सहल
है
बिजली
गिरा
देना
Akbar Allahabadi
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यूँँ
बे-तरतीब
ज़ख़्मों
ने
बताया
राज़
क़ातिल
का
सलीके
से
जो
मेरा
क़त्ल
गर
होता
तो
क्या
होता
Vikram Gaur Vairagi
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अब
मज़ीद
उस
सेे
ये
रिश्ता
नहीं
रक्खा
जाता
जिस
सेे
इक
शख़्स
का
पर्दा
नहीं
रक्खा
जाता
पढ़ने
जाता
हूँ
तो
तस्में
नहीं
बाँधे
जाते
घर
पलटता
हूँ
तो
बस्ता
नहीं
रक्खा
जाता
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Tehzeeb Hafi
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तेरी
जब
सिसकियाँ
रुकती
नहीं
हैं
मेरी
फिर
हिचकियाँ
रुकती
नहीं
हैं
दिखावा
तो
मुझे
आता
नहीं
पास
तभी
तो
लड़कियाँ
रुकती
नहीं
हैं
मेरे
दिल
के
शजर
पर
गुल
नहीं
है
कभी
फिर
तितलियाँ
रुकती
नहीं
हैं
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Manoj Devdutt
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पहले
मुझको
ख़लील
करता
है
फिर
मुझे
वो
ज़लील
करता
है
जानता
है
ग़लत
है
वो
फिर
भी
पेश
अपनी
दलील
करता
है
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Manoj Devdutt
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कुछ
घाव
भरने
ही
नहीं
देंगे
कभी
तूने
दिए
तो
ज़ख़्म
भी
प्यारे
हमें
Manoj Devdutt
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दीवानगी
की
हद
से
हम
गुज़र
गए
पर
यार
क्यूँ
फिर
वादे
से
मुकर
गए
Manoj Devdutt
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कुछ
यूँँ
भी
उसके
शहर
नहीं
जाता
हूँ
डर
है
कि
वहीं
का
होकर
रह
जाऊँगा
Manoj Devdutt
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