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Meem Alif Shaz
us ke ghar men chaand sitaarein hai to hone do
us ke ghar men chaand sitaarein hai to hone do | उस के घर में चाँद सितारें है तो होने दो
- Meem Alif Shaz
उस
के
घर
में
चाँद
सितारें
है
तो
होने
दो
मुझ
को
अपने
घर
की
चटाई
अच्छी
लगती
है
- Meem Alif Shaz
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पास
मैं
जिसके
हूँ
वो
फिर
भी,
अच्छा
लड़का
ढूँढ़
रही
है
उसने
लगा
रक्खा
है
चश्मा,
और
वो
चश्मा
ढूँढ़
रही
है
फ़ोन
किया
मैंने
और
पूछा,
अब
तक
घर
से
क्यूँँ
नहीं
निकली
उस
ने
कहा
मुझ
सेे
मिलने
का,
एक
बहाना
ढूँढ़
रही
है
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Tanoj Dadhich
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तू
अपने
घर
में
मुहब्बत
की
जीत
पर
ख़ुश
है
अभी
ठहर
के
मेरा
ख़ानदान
बाक़ी
है
Siraj Faisal Khan
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अभी
ज़िंदा
है
माँ
मेरी
मुझे
कुछ
भी
नहीं
होगा
मैं
घर
से
जब
निकलता
हूँ
दु'आ
भी
साथ
चलती
है
Munawwar Rana
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जितने
मर्ज़ी
महँगे
पकवानों
को
खालो
तुम
घर
की
रोटी
तो
फिर
घर
की
रोटी
होती
है
Sarvjeet Singh
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घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
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तेरी
यादें
लिपट
जाती
हैं
मुझ
से
घर
पहुँचते
ही
कि
जैसे
बाप
से
आकर
कोई
बच्ची
लिपटती
है
Afzal Ali Afzal
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वो
मेरे
घर
नहीं
आता
मैं
उस
के
घर
नहीं
जाता
मगर
इन
एहतियातों
से
त'अल्लुक़
मर
नहीं
जाता
Waseem Barelvi
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घर
में
झीने
रिश्ते
मैंने
लाखों
बार
उधड़ते
देखे
चुपके
चुपके
कर
देती
है
जाने
कब
तुरपाई
अम्मा
Aalok Shrivastav
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कच्चा
सा
घर
और
उस
पर
जोरों
की
बरसात
है
ये
तो
कोई
खानदानी
दुश्मनी
की
बात
है
Saahir
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इश्क़
कहता
है
भटकते
रहिए
और
तुम
कहते
हो
घर
जाना
है
Madan Mohan Danish
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पानी
तो
मुझ
को
ख़ुद
ही
पीना
होगा
हर
कोई
अपनी
प्यास
में
उलझा
है
Meem Alif Shaz
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अगर
मैं
ढूंँढ़ने
निकलूँ
किसी
दिन
शाज़
बहुत
बिखरा
हुआ
पाऊँगा
तुझ
को
मैं
Meem Alif Shaz
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मैं
उसको
माफ़
कैसे
करता
साहिब
नशे
में
माँगी
थी
जब
माफ़ी
उस
ने
Meem Alif Shaz
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मेरी
तक़दीर
मेरे
हाथ
में
थी
मगर
मैं
चाल
चलने
में
लगा
था
Meem Alif Shaz
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यह
तेरे
होटों
की
ज़ीनत
कैसी
है
फूलों
के
नाजुक़
गालों
के
जैसी
है
Meem Alif Shaz
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