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Meem Alif Shaz
tum ne dekha nahin khidki se baahar
tum ne dekha nahin khidki se baahar | तुम ने देखा नहीं खिड़की से बाहर
- Meem Alif Shaz
तुम
ने
देखा
नहीं
खिड़की
से
बाहर
बारिश
में
तो
हम
भी
भीग
रहे
थे
- Meem Alif Shaz
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दिन
में
मिल
लेते
कहीं
रात
ज़रूरी
थी
क्या?
बेनतीजा
ये
मुलाक़ात
ज़रूरी
थी
क्या
मुझ
सेे
कहते
तो
मैं
आँखों
में
बुला
लेता
तुम्हें
भीगने
के
लिए
बरसात
ज़रूरी
थी
क्या
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Abrar Kashif
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उस
लड़की
से
बस
अब
इतना
रिश्ता
है
मिल
जाए
तो
बात
वगैरा
करती
है
बारिश
मेरे
रब
की
ऐसी
नेमत
है
रोने
में
आसानी
पैदा
करती
है
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Tehzeeb Hafi
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कच्चा
सा
घर
और
उस
पर
जोरों
की
बरसात
है
ये
तो
कोई
खानदानी
दुश्मनी
की
बात
है
Saahir
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मैं
कि
काग़ज़
की
एक
कश्ती
हूँ
पहली
बारिश
ही
आख़िरी
है
मुझे
Tehzeeb Hafi
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मेरी
आँखों
से
बारिश
पूछती
है
तुम्हारा
क्या
कोई
मौसम
नहीं
है
100rav
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कमरे
से
वो
बारिश
कैसे
देखेगी
कमरे
में
इक
खिड़की
भी
बनवानी
थी
Sarul
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सर्द
झोंकों
से
भड़कते
हैं
बदन
में
शो'ले
जान
ले
लेगी
ये
बरसात
क़रीब
आ
जाओ
Sahir Ludhianvi
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बहुत
मुद्दत
के
बा'द
आई
है
बारिश
और
उस
ज़ालिम
के
पेपर
चल
रहे
हैं
Ahmad Farhad
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देख
कैसे
धुल
गए
है
गिर्या-ओ-ज़ारी
के
बाद
आसमाँ
बारिश
के
बाद
और
मैं
अज़ादारी
के
बाद
इस
सेे
बढ़
कर
तो
तुझे
कोई
हुनर
आता
नहीं
सोचता
हूँ
क्या
करेगा
दिल
आज़ारी
के
बाद
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Abbas Tabish
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तुम्हें
मैं
क्या
बताऊँ
इस
शहर
का
हाल
कैसा
है
यहाँ
बारिश
तो
होती
है
मगर
सावन
नहीं
आता
Bhaskar Shukla
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ज़माने
को
ज़रूरत
थी
हमारी
सो
उस
ने
ख़ूब
काँटे
ही
चुभाए
Meem Alif Shaz
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सभी
अपनी
आदत
से
हारे
हुए
हैं
तभी
तो
मोहब्बत
के
मारे
हुए
हैं
अकड़ने
की
बिल्कुल
ज़रूरत
नहीं
है
सभी
आसमाँ
से
उतारे
हुए
हैं
जो
हम
से
कभी
बात
करते
नहीं
थे
बड़ी
कोशिशों
से
हमारे
हुए
हैं
जिन्होंने
किए
थे
बहुत
वादे
हम
से
मुसीबत
में
वो
सब
किनारे
हुए
हैं
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Meem Alif Shaz
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बुरे
दिन
तो
बुरे
थे
उम्र
भर
तक
तिरे
आने
से
शायद
चाँद
होते
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी
तुझ
को
न
जी
पाए
हम
वक़्त
ने
दर्द
दिया
जब
इतना
Meem Alif Shaz
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चाँद
है
तू
है
नज़ारे
हैं
मगर
तन्हाई
सी
है
गुफ़्तुगू
भी
हो
रही
है
पर
ख़ुशी
मुरझाई
सी
है
Meem Alif Shaz
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