hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
ab ke phool girengे us ki zubaan se ham ne aisa socha hai
ab ke phool girengे us ki zubaan se ham ne aisa socha hai | अब के फूल गिरेंगे उस की ज़ुबाँ से हम ने ऐसा सोचा है
- Meem Alif Shaz
अब
के
फूल
गिरेंगे
उस
की
ज़ुबाँ
से
हम
ने
ऐसा
सोचा
है
जो
हम
ने
सोचा
है
उस
ने
भी
सोचा
होगा
तो
क्या
होगा
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
न
रूई
हो
तो
अपने
अश्कों
से
बाती
बनाएँगे
बुझा
दीया
हमारा
तो
हवा
से
लड़
भी
जाएँगे
बनाई
रोज़
चौदह
साल
रंगोली
बस
इस
ख़ातिर
न
जाने
रामजी
वनवास
से
कब
लौट
आएंँगे
Read Full
Krishnakant Kabk
Send
Download Image
26 Likes
घर
की
तक़सीम
में
अँगनाई
गँवा
बैठे
हैं
फूल
गुलशन
से
शनासाई
गँवा
बैठे
हैं
बात
आँखों
से
समझ
लेने
का
दावा
मत
कर
हम
इसी
शौक़
में
बीनाई
गँवा
बैठे
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
57 Likes
किसी
के
होठ
समुंदर
में
भी
तरसते
रहे
किसी
की
प्यास
को
सहरा
में
मिल
गया
पानी
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
3 Likes
तुमने
जो
फूल
लेते
में
छू
लीं
हैं
उंगलियाँ
मेरे
बदन
से
आएगी
ख़ुशबू
गुलाब
की
Siddharth Saaz
Send
Download Image
35 Likes
पूरी
कायनात
में
एक
क़ातिल
बीमारी
की
हवा
हो
गई
वक़्त
ने
कैसा
सितम
ढाया
कि
दूरियाँ
ही
दवा
हो
गईं
Unknown
Send
Download Image
39 Likes
गुलशन
से
कोई
फूल
मुयस्सर
न
जब
हुआ
तितली
ने
राखी
बाँध
दी
काँटे
की
नोक
पर
Unknown
Send
Download Image
41 Likes
ये
जिस्म
तंग
है
सीने
में
भी
लहू
कम
है
दिल
अब
वो
फूल
है
जिस
में
कि
रंग-ओ-बू
कम
है
Pallav Mishra
Send
Download Image
23 Likes
चल
दिए
घर
से
तो
घर
नहीं
देखा
करते
जाने
वाले
कभी
मुड़
कर
नहीं
देखा
करते
सीपियां
कौन
किनारे
से
उठा
कर
भागा
ऐसी
बाते
समुंदर
नहीं
देखा
करते
Read Full
Unknown
Send
Download Image
23 Likes
सब
दुखों
का
ये
समुंदर
पार
होगा
जब,
सभी
आफ़तों
के
पत्थरों
पर
नाम
होगा
राम
का
Shoonya Shrey
Send
Download Image
1 Like
नदी
आँखें
भँवर
ज़ुल्फ़ें
कहाँ
तैरूँ
कहाँ
डूबूँ
कि
तेरे
शहर
में
सब
की
अदाएँ
एक
जैसी
हैं
Divyansh "Dard" Akbarabadi
Send
Download Image
8 Likes
Read More
हम
भी
अकेले
रहलेंगे
अपनी
ख़ातिर
उस
को
तन्हा
रहना
है
तो
रहने
दो
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
इश्क़
में
हाथ
मिलाने
का
मज़ा
मत
पूछो
मोम
का
जिस्म
अगर
होता
पिघल
ही
जाता
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
सफ़र
में
कभी
ऐसे
मंज़र
भी
आए
कभी
फूल
आए
तो
पथ्थर
भी
आए
मुयस्सर
नहीं
होता
आसानी
से
रिज़्क़
कि
बीमारी
में
हम
तो
दफ़्तर
भी
आए
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
इन
रहज़न
आँखों
का
क्या
होगा
ये
तो
हर
मनज़र
को
चुराती
हैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
अगर
आँगन
में
इक
दीवार
हो
जाए
ख़ुशी
से
जीना
भी
दुश्वार
हो
जाए
उछल
के
मत
चलो
तुम
इन
ज़मीनों
पे
कहीं
सिर
से
अलग
दस्तार
हो
जाए
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Qatil Shayari
Sooraj Shayari
Garmi Shayari
Shaheed Shayari
Justice Shayari