hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
ishq men haath milaane ka maza mat poochho
ishq men haath milaane ka maza mat poochho | इश्क़ में हाथ मिलाने का मज़ा मत पूछो
- Meem Alif Shaz
इश्क़
में
हाथ
मिलाने
का
मज़ा
मत
पूछो
मोम
का
जिस्म
अगर
होता
पिघल
ही
जाता
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
दो
आँखें
हैं
दो
पलकें
हैं
जबीं
है
चूमने
ख़ातिर
बहुत
से
ज़ाविए
हैं
उस
बदन
में
देखने
लायक
Siddharth Saaz
Send
Download Image
31 Likes
काम
आया
तिरंगा
कफ़न
के
लिए
कोई
क़ुर्बां
हुआ
था
वतन
के
लिए
सोचो
क्या
कर
लिया
तुमने
जी
कर
के
दोस्त
नस
भी
काटी
तो
बस
इक
बदन
के
लिए
Read Full
Neeraj Neer
Send
Download Image
68 Likes
पेड़
के
काटने
वालों
को
ये
मालूम
तो
था
जिस्म
जल
जाएँगे
जब
सर
पे
न
साया
होगा
Kaifi Azmi
Send
Download Image
30 Likes
हम
उस
में
बैठ
के
करते
हैं
साधना
तेरी
हमारा
जिस्म
भी
भीतर
से
एक
शिवाला
है
Read Full
Irshad Khan Sikandar
Send
Download Image
23 Likes
है
उस
बदन
की
लत
मुझे
सो
दूसरा
बदन
अच्छा
तो
लग
रहा
है
मेरे
काम
का
नहीं
Vishnu virat
Send
Download Image
44 Likes
गुजर
चुकी
जुल्मते
शब-ए-हिज्र,
पर
बदन
में
वो
तीरगी
है
मैं
जल
मरुंगा
मगर
चिरागों
के
लो
को
मध्यम
नहीं
करूँगा
यह
अहद
लेकर
ही
तुझ
को
सौंपी
थी
मैंने
कलबौ
नजर
की
सरहद
जो
तेरे
हाथों
से
कत्ल
होगा
मैं
उस
का
मातम
नहीं
करूँगा
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
63 Likes
हवा
चली
तो
उसकी
शॉल
मेरी
छत
पे
आ
गिरी
ये
उस
बदन
के
साथ
मेरा
पहला
राब्ता
हुआ
Zia Mazkoor
Send
Download Image
76 Likes
सच
तो
ये
है
'मजाज़'
की
दुनिया
हुस्न
और
इश्क़
के
सिवा
क्या
है
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
31 Likes
बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
Send
Download Image
28 Likes
टूटा
तो
हूँ
मगर
अभी
बिखरा
नहीं
'फ़राज़'
मेरे
बदन
पे
जैसे
शिकस्तों
का
जाल
हो
Ahmad Faraz
Send
Download Image
38 Likes
Read More
बारिश
मेरा
बचपन
वापस
ले
आती
है
मैं
भी
कश्ती
ले
के
सड़क
पे
चला
जाता
हूँ
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
अपने
बुज़ुर्गो
में
खज़ाने
हैं
बहुत
मिलने
के
उन
सेे
आस्ताने
हैं
बहुत
सब
को
वहाँ
लेके
चलेंगे
एक
दिन
जलते
हुए
दिल
भी
बुझाने
हैं
बहुत
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
किस
की
ख़ातिर
तुम
ने
मुझ
को
छोड़
दिया
है
मेरी
ख़ुशी
को
किधर
अब
तुम
ने
मोड़
दिया
है
मेरे
ख़्वाबों
का
घर
पूरा
होने
को
था
और
अचानक
तुम
ने
उस
को
तोड़
दिया
है
जो
ग़म
सालों
से
बस
बिखरे
बिखरे
से
थे
अपनी
ख़ातिर
उनको
फिर
से
जोड़
दिया
है
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
1 Like
बड़े
तो
बड़े
ही
रहेंगे
मगर
बड़े
भी
मोहब्बत
दिखाएँ
कभी
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
रात
है
ग़म
है
दवा
है
और
मैं
हूँ
ज़िन्दगी
की
यह
सज़ा
है
और
मैं
हूँ
मैं
अकेला
और
वो
भी
है
अकेली
इश्क़
में
इतनी
ख़ला
है
और
मैं
हूँ
याद
है
तस्वीर
है
कैसे
भुला
दूँ
उस
की
ख़ुशबू
की
हवा
है
और
मैं
हूँ
मैं
किधर
जाऊँ
न
कोई
रास्ता
है
बस
मुसीबत
की
फ़िज़ा
है
और
मैं
हूँ
मैं
कभी
डरता
नहीं
हूँ
तो
डरूँ
क्यूँ
इस
जहाँ
में
बस
ख़ुदा
है
और
मैं
हूँ
यह
जो
फैला
है
धुआँ
है
और
कालिख
इस
धुएँ
में
कुछ
नशा
है
और
मैं
हूँ
हौसला
अब
रात
में
भी
कम
न
होगा
चाँद
का
हर
दर
खुला
है
और
मैं
हूँ
मौत
मुझ
को
भी
न
जाने
कैसे
आए
मौत
की
अपनी
अदा
है
और
मैं
हूँ
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Faasla Shayari
Andaaz Shayari
Mehndi Shayari
Beqarari Shayari
Khoon Shayari