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Meem Alif Shaz
in rehzan aankhoñ ka kya hogaa
in rehzan aankhoñ ka kya hogaa | इन रहज़न आँखों का क्या होगा
- Meem Alif Shaz
इन
रहज़न
आँखों
का
क्या
होगा
ये
तो
हर
मनज़र
को
चुराती
हैं
- Meem Alif Shaz
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जैसा
मूड
हो
वैसा
मंज़र
होता
है
मौसम
तो
इंसान
के
अंदर
होता
है
Aziz Ejaaz
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दो
मुल्कों
के
सियासी
खेल
में
जाने
यहाँ
पर
कितनों
के
घर
उजड़े
हैं
मौला
वही
हर
सुब्ह
मंज़र
देखना
पड़ता
हज़ारों
लोग
यूँँ
ही
मरते
हैं
मौला
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Harsh saxena
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सब
यार
सोचते
थे
रहेगा
वही
समाँ
इक
मैं
ही
बस
बचा
हूँ
कोई
सौ
पचास
में
Amaan Pathan
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रोज़
बस्ते
हैं
कई
शहर
नए
रोज़
धरती
में
समा
जाते
हैं
Kaifi Azmi
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कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
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Kazim Rizvi
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और
भी
दुनिया
में
मंज़र
ख़ूब-सूरत
हैं
मगर
तेरी
ज़ुल्फ़ों
झटकने
से
सुहाना
कुछ
नहीं
Alankrat Srivastava
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खिला
कर
भंग
की
गुजिया
समा
रंगीन
कर
दो
तुम
बड़ी
मुश्क़िल
से
तो
हो
पाया
है
दीदार
होली
में
Vijay Anand Mahir
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कैसे
मंज़र
सामने
आने
लगे
हैं
गाते
गाते
लोग
चिल्लाने
लगे
हैं
Dushyant Kumar
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नई
नई
आँखें
हों
तो
हर
मंज़र
अच्छा
लगता
है
कुछ
दिन
शहर
में
घू
में
लेकिन
अब
घर
अच्छा
लगता
है
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Nida Fazli
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एक
दफ़ा
बस
वापस
मंज़र
ऐसा
हो
हाथ
मेरा
सीधा
और
उल्टा
तेरा
हो
Tanoj Dadhich
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चराग़ों
हवा
से
करो
दोस्ती
यहाँ
आदमी
का
भरोसा
नहीं
Meem Alif Shaz
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ये
बहारें,
ये
सितारे,
ये
नज़ारे
सब
हँसी
हैं
गर
तू
मेरे
साथ
में
है
Meem Alif Shaz
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अगर
मैं
ग़लत
हूँ
तो
मुझ
को
सज़ा
दो
या
फिर
मुझ
को
दिल
से
अभी
तुम
दु'आ
दो
दरख़्तों
ने
चुप
के
से
मुझ
से
कहा
है
हमारे
भी
ज़ख़्मों
पे
मरहम
लगा
दो
दिया
चाहता
है
अगर
ख़ूब
जलना
हवा
को
हटा
के
उसे
तुम
ख़ला
दो
जिधर
भी
ग़मों
की
हवा
सी
चली
है
उधर
तुम
भी
जा
के
सभी
को
दवा
दो
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Meem Alif Shaz
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हम
ने
तो
दिल
ख़ुदस
लगा
रक्खा
है
उस
को
दग़ा
देनी
है
तो
दे
हमें
क्या
Meem Alif Shaz
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रक्खी
रह
जाएगी
सारी
हुशयारी
जब
घेरेगी
तुझ
को
कोई
बीमारी
Meem Alif Shaz
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