hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
jaani Aggarwal taak
main nen jis ko bhi dilnasheen samjha
main nen jis ko bhi dilnasheen samjha | मैं नें जिस को भी दिलनशीं समझा
- jaani Aggarwal taak
मैं
नें
जिस
को
भी
दिलनशीं
समझा
उसने
मुझ
को
फ़क़त
ज़मीं
समझा
हर
बहाने
तिरे
समझ
आए
तूने
समझा
कि
मैं
नहीं
समझा
- jaani Aggarwal taak
Download Sher Image
जो
मिल
गया
उसी
को
मुक़द्दर
समझ
लिया
जो
खो
गया
मैं
उस
को
भुलाता
चला
गया
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
56 Likes
ये
नहीं
है
कि
वो
एहसान
बहुत
करता
है
अपने
एहसान
का
एलान
बहुत
करता
है
आप
इस
बात
को
सच
ही
न
समझ
लीजिएगा
वो
मेरी
जान
मेरी
जान
बहुत
करता
है
Read Full
Jawwad Sheikh
Send
Download Image
65 Likes
अब
बिछड़ने
पर
समझ
पाते
हैं
हम
इक
दूसरे
को
इम्तिहाँ
के
ख़त्म
हो
जाने
पे
हल
याद
आ
रहा
है
Nishant Singh
Send
Download Image
29 Likes
शिकस्ता
नाव
समझ
कर
डुबोने
वाले
लोग
न
पा
सके
मुझे
साहिल
पे
खोने
वाले
लोग
ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
Read Full
Kashif Sayyed
Send
Download Image
43 Likes
ये
बात
अभी
सबको
समझ
आई
नहीं
है
दीवाना
है
दीवाना
तमन्नाई
नहीं
है
दिल
मेरा
दुखाकर
ये
मुझे
तेरा
मनाना
मरहम
है
फ़क़त
ज़ख़्म
की
भरपाई
नहीं
है
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
50 Likes
हमें
हर
वक़्त
ये
एहसास
दामन-गीर
रहता
है
पड़े
हैं
ढेर
सारे
काम
और
मोहलत
ज़रा
सी
है
Khurshid Talab
Send
Download Image
15 Likes
वो
मुझको
जिस
तरह
से
दुआएँ
था
दे
रहा
मैं
तो
समझ
गया
ये
क़यामत
की
रात
हैं
AMAN RAJ SINHA
Send
Download Image
16 Likes
मज़ा
चखा
के
ही
माना
हूँ
मैं
भी
दुनिया
को
समझ
रही
थी
कि
ऐसे
ही
छोड़
दूँगा
उसे
Rahat Indori
Send
Download Image
41 Likes
तेरे
एहसास
को
ख़ुशबू
बनाते
जो
बस
चलता
तुझे
उर्दू
बनाते
यक़ीनन
इस
से
तो
बेहतर
ही
होती
वो
इक
दुनिया
जो
मैं
और
तू
बनाते
Read Full
Saurabh Sharma 'sadaf'
Send
Download Image
38 Likes
जाने
से
कोई
फ़र्क़
ही
उसके
नहीं
पड़ा
क्या
क्या
समझ
रहा
था
बिछड़ने
के
डर
को
मैं
Shariq Kaifi
Send
Download Image
69 Likes
Read More
तिरी
खुशियाँ
तुझे
हर
दम
मुबारक
हमें
तो
बस
हमारा
ग़म
मुबारक
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
1 Like
जताता
हूँ
कि
जैसे
मैं
सभी
ग़म
भूल
जाऊँगा
मुझे
लगता
नहीं
ऐसा
कभी
ग़म
भूल
जाऊँगा
वो
लौट
आए
मिरी
इस
ज़िन्दगी
में
चाहे
जैसे
भी
क़सम
खाकर
के
कहता
हूँ
अभी
ग़म
भूल
जाऊँगा
Read Full
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
1 Like
वो
आख़िर
का
फेरा
भी
देखा
था
मैंने
मुझे
फिर
न
देखा
दोबारा
किसी
ने
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
2 Likes
भटकता
फिर
रहा
दर
दर
किसी
की
कहानी
जानता
हूँ
हर
किसी
की
बिछड़ते
वक़्त
जो
रो
कर
गई
थी
वो
दुल्हन
बन
गई
हँस
कर
किसी
की
कहीं
बेरोज़गारी
छा
रही
है
बनी
है
ज़िन्दगी
दफ़्तर
किसी
की
मुहब्बत
ख़ुश-नसीबों
की
मुकम्मल
अधूरी
रह
गई
है
पर
किसी
की
छुपाए
छुप
न
पाएगा
ये
पहलू
कि
याद
आती
मुझे
अक्सर
किसी
की
Read Full
jaani Aggarwal taak
Download Image
4 Likes
ख्वाहिशें
चूर
होती
जाती
है
हर
ख़ुशी
दूर
होती
जाती
है
दिन
गुज़रता
है
जैसे
तैसे
पर
रात
नासूर
होती
जाती
है
शख़्स
वो
दूर
हो
गया
जब
से
ऑंखें
बे-नूर
होती
जाती
है
बात
इक
बार
तू
नें
जो
कह
दी
वो
ही
दस्तूर
होती
जाती
है
साल
दर
साल
ऐसा
लगता
है
ज़िन्दगी
दूर
होती
जाती
है
मेरी
मन्नत
सभी
हुई
ख़ारिज
उसकी
मंज़ूर
होती
जाती
है
शे'र
पर
दाद
जब
नहीं
मिलती
शा'इरी
चूर
होती
जाती
है
Read Full
jaani Aggarwal taak
Download Image
3 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Aurat Shayari
Qismat Shayari
Bekhudi Shayari
Deedar Shayari
Zindagi Shayari