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jaani Aggarwal taak
khwahishein choor hoti jaati hai
khwahishein choor hoti jaati hai | ख्वाहिशें चूर होती जाती है
- jaani Aggarwal taak
ख्वाहिशें
चूर
होती
जाती
है
हर
ख़ुशी
दूर
होती
जाती
है
दिन
गुज़रता
है
जैसे
तैसे
पर
रात
नासूर
होती
जाती
है
शख़्स
वो
दूर
हो
गया
जब
से
ऑंखें
बे-नूर
होती
जाती
है
बात
इक
बार
तू
नें
जो
कह
दी
वो
ही
दस्तूर
होती
जाती
है
साल
दर
साल
ऐसा
लगता
है
ज़िन्दगी
दूर
होती
जाती
है
मेरी
मन्नत
सभी
हुई
ख़ारिज
उसकी
मंज़ूर
होती
जाती
है
शे'र
पर
दाद
जब
नहीं
मिलती
शा'इरी
चूर
होती
जाती
है
- jaani Aggarwal taak
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मैं
जिस
के
साथ
कई
दिन
गुज़ार
आया
हूँ
वो
मेरे
साथ
बसर
रात
क्यूँँ
नहीं
करता
Tehzeeb Hafi
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जब
चली
ठंडी
हवा
बच्चा
ठिठुर
कर
रह
गया
माँ
ने
अपने
ला'ल
की
तख़्ती
जला
दी
रात
को
Sibt Ali Saba
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क्या
बैठ
जाएँ
आन
के
नज़दीक
आप
के
बस
रात
काटनी
है
हमें
आग
ताप
के
कहिए
तो
आप
को
भी
पहन
कर
मैं
देख
लूँ
मा'शूक़
यूँँ
तो
हैं
ही
नहीं
मेरी
नाप
के
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Farhat Ehsaas
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वो
मुझको
जिस
तरह
से
दुआएँ
था
दे
रहा
मैं
तो
समझ
गया
ये
क़यामत
की
रात
हैं
AMAN RAJ SINHA
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नींद
भी
जागती
रही
पूरे
हुए
न
ख़्वाब
भी
सुब्ह
हुई
ज़मीन
पर
रात
ढली
मज़ार
में
Adil Mansuri
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ख़ैरात
में
अब
दे
दिया
जाए
इसे
हर
रात
नीदें
ज़ाया'
होती
रहती
हैं
Nishant Singh
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यार
सब
जम्अ'
हुए
रात
की
ख़ामोशी
में
कोई
रो
कर
तो
कोई
बाल
बना
कर
आया
Ahmad Mushtaq
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हिज्र
में
अब
वो
रात
हुई
है
जिस
में
मुझको
ख़्वाबों
में
रेल
की
पटरी,
चाकू,
रस्सी,
बहती
नदियाँ
दिखती
हैं
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Dipendra Singh 'Raaz'
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जिस
पर
हमारी
आँख
ने
मोती
बिछाए
रात
भर
भेजा
वही
काग़ज़
उसे
हम
ने
लिखा
कुछ
भी
नहीं
Bashir Badr
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मैं
सो
रहा
हूँ
तेरे
ख़्वाब
देखने
के
लिए
ये
आरज़ू
है
कि
आँखों
में
रात
रह
जाए
Shakeel Azmi
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बड़ी
दिल-फेंक
है
दिलदार
है
वो
फ़क़त
ख़ंजर
नहीं
तलवार
है
वो
कोई
जन्मों
के
वादे
कर
गया
था
मगर
अब
बाल-बच्चे
दार
है
वो
ख़बर
जो
दुश्मनों
को
दे
रहा
है
हमीं
में
से
कोई
ग़द्दार
है
वो
मिरी
आँखों
को
पढ़ना
जानती
है
मिरी
माँ
है
मिरा
संसार
है
वो
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jaani Aggarwal taak
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कभी
मीठा
हुआ
करता
था
इस
दरिया
का
पानी
बिना
तेरे
समुंदर
जैसा
खारा
हो
गया
हूँ
jaani Aggarwal taak
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बना
तुमको
समुंदर,
मैं
किनारा
हो
गया
हूँ
मिरे
तुम
हो
नहीं
पर
मैं
तुम्हारा
हो
गया
हूँ
jaani Aggarwal taak
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हम
दिलजले
हैं
दिलजलों
की
बात
ऐसी
है,
हमको
सुकूँ
तो
दर्द
भरी
आह
में
मिले
jaani Aggarwal taak
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अजल
तक
बे-क़रारी
ही
रहेगी
हमारी
साँस
भारी
ही
रहेगी
मैं
तुमको
हार
कर
जीता
हूँ
लेकिन
ये
ग़लती
मुझपे
ही
भारी
रहेगी
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jaani Aggarwal taak
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