hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Irshad Siddique "Shibu"
o KHuda ke bande tu rota kahaan hai
o KHuda ke bande tu rota kahaan hai | ओ ख़ुदा के बंदे तू रोता कहाँ है
- Irshad Siddique "Shibu"
ओ
ख़ुदा
के
बंदे
तू
रोता
कहाँ
है
पत्थरों
के
पास
दिल
होता
कहाँ
है
- Irshad Siddique "Shibu"
Download Sher Image
वही
शागिर्द
फिर
हो
जाते
हैं
उस्ताद
ऐ
'जौहर'
जो
अपने
जान-ओ-दिल
से
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
33 Likes
दिल
आज
शाम
से
ही
उसे
ढूँडने
लगा
कल
जिस
के
बा'द
कमरे
में
तन्हाई
आई
थी
Ammar Iqbal
Send
Download Image
32 Likes
नहीं
ये
फ़िक्र
कोई
रहबर-ए-कामिल
नहीं
मिलता
कोई
दुनिया
में
मानूस-ए-मिज़ाज-ए-दिल
नहीं
मिलता
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
28 Likes
हम
मिल
के
आ
गए
मगर
अच्छा
नहीं
लगा
फिर
यूँँ
हुआ
असर
कि
घर
अच्छा
नहीं
लगा
इक
बार
दिल
में
तुझ
सेे
जुदाई
का
डर
बना
फिर
दूसरा
कोई
भी
डर
अच्छा
नहीं
लगा
Read Full
Shriyansh Qaabiz
Send
Download Image
50 Likes
निभेगी
किस
तरह
दिल
सोचता
है
अजब
लड़की
है
जब
देखो
ख़फ़ा
है
Fuzail Jafri
Send
Download Image
33 Likes
देखिए
होगा
श्री-कृष्ण
का
दर्शन
क्यूँँ-कर
सीना-ए-तंग
में
दिल
गोपियों
का
है
बेकल
Mohsin Kakorvi
Send
Download Image
21 Likes
तुम्हें
हम
भी
सताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
तुम्हारा
दिल
दुखाने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
हमें
बदनाम
करते
फिर
रहे
हो
अपनी
महफ़िल
में
अगर
हम
सच
बताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
Read Full
Santosh S Singh
Send
Download Image
336 Likes
हम
तो
बचपन
में
भी
अकेले
थे
सिर्फ़
दिल
की
गली
में
खेले
थे
Javed Akhtar
Send
Download Image
45 Likes
गले
मिलना
न
मिलना
तो
तेरी
मर्ज़ी
है
लेकिन
तेरे
चेहरे
से
लगता
है
तेरा
दिल
कर
रहा
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
569 Likes
दिल
हारने
के
बाद
ही
आता
है
ये
सुख़न
अब
तक
किसी
ने
कोख
से
शायर
नहीं
जना
Anas Khan
Send
Download Image
9 Likes
Read More
मिलेगा
कहाँ
ये
सुकूँ
का
पता
दे
या
दो
घूँट
मय
की
मुझे
तू
पिला
दे
कि
ये
दर्द
अब
नइँ
सहे
जाते
मुझ
सेे
ख़ुदाया
मेरे
सीने
से
दिल
हटा
दे
या
तो
रूह
को
जिस्म
से
तू
अलग
कर
या
महबूब
से
मुझ
को
मेरे
मिला
दे
तू
फिर
चाहे
जाँ
मेरी
ले
लेना
मौला
मगर
पहले
इक
बार
काबा
दिखा
दे
Read Full
Irshad Siddique "Shibu"
Download Image
2 Likes
शे'र
जो
तुझको
कहे
थे
हम
मनाने
के
लिए
शे'र
वो
अब
पढ़
रहे
हैं
हम
कमाने
के
लिए
Irshad Siddique "Shibu"
Send
Download Image
2 Likes
नहीं
तू
नहीं
शेफ
इस
देस
में
रे
चिड़ैया
दरिंदे
हैं
इंसान
के
भेस
में
रे
चिड़ैया
Irshad Siddique "Shibu"
Send
Download Image
4 Likes
कि
को'ई
चीज़
गर
तुझे
क़ुबूल
नइँ
हो
लाख
अच्छी
वो
मुझे
क़ुबूल
नइँ
तिरा
झगड़ना
मुझको
है
क़ुबूल
पर
तिरा
बिछड़ना
जाँ
मुझे
क़ुबूल
नइँ
Read Full
Irshad Siddique "Shibu"
Send
Download Image
2 Likes
कोई
काटे
च्यूँँटी
तो
हो
मुझको
एहसास
कि
मैं
जी
रहा
हूँ
या
फिर
मर
चुका
हूँ
Irshad Siddique "Shibu"
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Aangan Shayari
Shahr Shayari
Nazakat Shayari
Subah Shayari
Gunaah Shayari