nazar se door ke kooche rakhi hai | नज़र से दूर के कूचे रखी है

  - Ajay Kumar
नज़रसेदूरकेकूचेरखीहै
बुराईरातकेहिस्सेरखीहै
येकैसाबोतलोंकाढेरसाहै
येकिसनेज़िंदगीपीकेरखीहै
उदासीकोकहाँपेढूँढतेहो
उदासीदर्दकेशानेरखीहै
मैंतोआगेनिकलआयाउदासी
परेशानीज़रापीछेरखीहै
किताबोंमेंदबाकरफ़ोटोउसकी
गुलाबोंकीतरहकाहेरखीहै
हमारीयेख़मोशीकौनसमझे
हमारेदरमियाँजैसेरखीहै
मिरीहरइकदु'आतरतीबसेहै
तभीउसकीख़ुशीपहलेरखीहै
  - Ajay Kumar
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