hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Rohit Gustakh
tum rahbar ho farishton ke gustaakh
tum rahbar ho farishton ke gustaakh | तुम रहबर हो फरिश्तों के गुस्ताख़
- Rohit Gustakh
तुम
रहबर
हो
फरिश्तों
के
गुस्ताख़
क्यूँ
पागल
आदमी
में
उलझे
हो
- Rohit Gustakh
Download Sher Image
उरूज-ए-आदम-ए-ख़ाकी
से
अंजुम
सह
में
जाते
हैं
कि
ये
टूटा
हुआ
तारा
मह-ए-कामिल
न
बन
जाए
Read Full
Allama Iqbal
Send
Download Image
31 Likes
ऐ
आसमान
तेरे
ख़ुदा
का
नहीं
है
ख़ौफ़
डरते
हैं
ऐ
ज़मीन
तेरे
आदमी
से
हम
Unknown
Send
Download Image
32 Likes
जहल-ए-ख़िरद
ने
दिन
ये
दिखाए
घट
गए
इंसाँ
बढ़
गए
साए
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
12 Likes
अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
Read Full
Khalid Sajjad
Send
Download Image
27 Likes
कोई
हादसा
लेकर
आदमी
किधर
जाए
आदमी
अगर
कह
दे
हादसा
उदासी
है
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
6 Likes
इश्क़
ने
'ग़ालिब'
निकम्मा
कर
दिया
वर्ना
हम
भी
आदमी
थे
काम
के
Mirza Ghalib
Send
Download Image
82 Likes
मैं
तुझे
खो
के
भी
ज़िंदा
हूँ
ये
देखा
तूने
किस
क़दर
हौसला
हारे
हुए
इंसान
में
है
Abbas Tabish
Send
Download Image
53 Likes
शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
Read Full
Aman G Mishra
Send
Download Image
2 Likes
मिरे
किरदार
जाने
दे
नज़रअंदाज
कर
दे
ख़ुदा
की
फ़िल्म
है
ये
आदमी
से
क्या
शिकायत
Vikram Sharma
Send
Download Image
25 Likes
इश्क़
में
कहते
हो
हैरान
हुए
जाते
हैं
ये
नहीं
कहते
कि
इंसान
हुए
जाते
हैं
Josh Malihabadi
Send
Download Image
38 Likes
Read More
ग़ज़ल
की
नाव
में
बैठे
हुए
हम
तेरे
ग़म
से
किनारा
कर
रहे
है
Rohit Gustakh
Send
Download Image
59 Likes
रक़ीबों
ने
कहा
मुझ
सेे
दिखाओ
रूम
तुम
अपना
किताबें
ग़म
उदासी
और
इक
फ़ोटो
मिली
उनको
Rohit Gustakh
Send
Download Image
65 Likes
आख़िर
कौन
सिसकता
है
तेरे
अंदर
आज
उदासी
ने
भी
पूछ
लिया
मुझ
सेे
Rohit Gustakh
Send
Download Image
47 Likes
मिरे
घर
क्यूँँ
ले
आते
हो
गली
बाज़ार
की
बातें
चिढ़ाती
हैं
मुझे
झूठे
बिके
अख़बार
की
बातें
मुकरता
है
हमेशा
तू
किए
वादे
निभाने
से
तेरे
वादे
तिरी
क़स
में
हुईं
सरकार
की
बातें
Read Full
Rohit Gustakh
Send
Download Image
54 Likes
ग़म-ए-दुनिया
से
आगे
कुछ
नहीं
है
जहाँ
तुम
आशनाई
कर
रही
हो
Rohit Gustakh
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khuda Shayari
Bewafai Shayari
Afsos Shayari
Wedding Shayari
DP Shayari