saari khushi ko chhod kar ik gham pe rona tha mujhe | सारी ख़ुशी को छोड़ कर इक ग़म पे रोना था मुझे

  - "Dharam" Barot
सारीख़ुशीकोछोड़करइकग़मपेरोनाथामुझे
ऐसेनहींरोयाकभीभीहक़सेरोनाथामुझे
वोरत्तीभरसमझानहींआँखेंहुईथीलालक्यूँ
मतलबयहीहैसामनेअबउसकेरोनाथामुझे
इतनादिखावामैंभीकरपाऊँगायेसोचाथा
हँसतेहँसातेसबकोजोकरबनकेरोनाथामुझे
ऐसालगाकोईसमझेगामगरवोसमझाथा
सोखोलकरदिलपासफिरशिद्दतसेरोनाथामुझे
  - "Dharam" Barot
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