samay haathon se niklaa ja raha hai | समय हाथों से निकला जा रहा है

  - Dharamraj deshraj
समयहाथोंसेनिकलाजारहाहै
परिंदावक़्तकासमझारहाहै
मुसाफ़िरकीतरहहमसबयहाँहैं
कोईआयातोकोईजारहाहै
अभीभीवक़्तहैयारोसँभलिए
समयअबआईनादिखलारहाहै
जहाँइंसानभीगायबमिलेगा
अभीबसवोज़मानारहाहै
जरासोचोकिईमाँजबहोगा
अभीतोआदमीइतरारहाहै
सलीक़ेसेहमेंरहनाहीहोगा
भलेमौसमहमेंभटकारहाहै
'धरम'अबतोबुराईछोड़भीदे
जोदानिशमंदहैसमझारहाहै
  - Dharamraj deshraj
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