hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Dharamraj deshraj
hamne salaam arz kaha apne yaar se
hamne salaam arz kaha apne yaar se | हमने सलाम अर्ज़ कहा अपने यार से
- Dharamraj deshraj
हमने
सलाम
अर्ज़
कहा
अपने
यार
से
वो
राम-राम
कहके
गले
से
लिपट
गया
- Dharamraj deshraj
Download Sher Image
यार
बिछड़कर
तुमने
हँसता
बसता
घर
वीरान
किया
मुझको
भी
आबाद
न
रक्खा
अपना
भी
नुक़्सान
किया
Ali Zaryoun
Send
Download Image
120 Likes
यार
सब
जम्अ'
हुए
रात
की
ख़ामोशी
में
कोई
रो
कर
तो
कोई
बाल
बना
कर
आया
Ahmad Mushtaq
Send
Download Image
21 Likes
रात
दिन
तेरे
साथ
कटते
थे
यार
अब
तुझ
सेे
बात
से
भी
गए
ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
54 Likes
सख़्त
सर्दी
में
ठिठुरती
है
बहुत
रूह
मिरी
जिस्म-ए-यार
आ
कि
बेचारी
को
सहारा
मिल
जाए
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
33 Likes
अब
क्या
ही
ग़म
मनाएँ
कि
क्या
क्या
हुआ
मियाँ
बर्बाद
होना
ही
था
सो
बर्बाद
हो
गए
shaan manral
Send
Download Image
3 Likes
अपनी
बाँहो
से
क्यूँँ
हटाऊँ
उसे
सो
रहा
है
तो
क्यूँँ
जगाऊँ
उसे
जो
भी
मिलता
है
उसका
पूछता
है
यार
किस
किस
से
मैं
छुपाऊँ
उसे
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
47 Likes
गर
रो
रहा
हूँ
मैं
तो
कमज़ोर
मत
समझना
ये
रोना
है
बनाता
मज़बूत
यार
मुझको
NISHKARSH AGGARWAL
Send
Download Image
1 Like
हम
को
यारों
ने
याद
भी
न
रखा
'जौन'
यारों
के
यार
थे
हम
तो
Jaun Elia
Send
Download Image
185 Likes
यार
माँगा
था
मोहब्बत
की
दु'आ
माँगी
थी
और
इस
दिल
के
हिफ़ाज़त
की
दु'आ
माँगी
थी
अब
तो
कुछ
उसका
बिगाड़ा
भी
नहीं
जा
सकता
मैंने
ख़ुद
उसके
सलामत
की
दु'आ
माँगी
थी
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
34 Likes
बुरे
हालात
है
पर
यार
अब
भी
गले
मिलता
है,
सेहत
पूछता
है
Gagan Bajad 'Aafat'
Send
Download Image
31 Likes
Read More
मुसीबत
है
बला
है
और
मैं
हूँ
ग़मों
से
सामना
है
और
मैं
हूँ
परेशाँ
इश्क़
करके
हो
गया
दिल
जहाँ
दुश्मन
हुआ
है
और
मैं
हूँ
मुहब्बत
की
सज़ा
है
क़त्ल
करदो
तुम्हारा
फ़ैसला
है
और
मैं
हूँ
वो
पत्थर
नफ़रतों
के
साथ
लाया
लबों
पर
बद्दुआ
है
और
मैं
हूँ
ज़माना
कितने
ही
तूफ़ाँ
उठाले
मेरे
सँग
में
ख़ुदा
है
और
मैं
हूँ।
मुझे
मालूम
है
मंज़िल
किधर
है
तिरे
घर
का
पता
है
और
मैं
हूँ
ख़रीदेगा
'धरम'
को
वो
भला
क्या
वो
नफ़रत
से
भरा
है
और
मैं
हूँ
Read Full
Dharamraj deshraj
Download Image
2 Likes
नज़र
से
पिलाई
कहा
कुछ
नहीं
नशा
फिर
भी
यारों
हुआ
कुछ
नहीं
लिया
कुछ
नहीं
और
दिया
कुछ
नहीं
कहाँ
खो
गया
दिल
पता
कुछ
नहीं
ख़फ़ा
हो
तो
बेशक
मिरी
जान
लो
तग़ाफुल
से
बढ़कर
बुरा
कुछ
नहीं
भला
हूँ
बुरा
हूँ
पता
है
उसे
मिरे
रब
से
आख़िर
छुपा
कुछ
नहीं
असर
हो
दवा
में
तो
हो
किस
तरह
अगर
साथ
में
हो
दु'आ
कुछ
नहीं
फ़क़त
उनका
ख़्वाबों
में
बोसा
लिया
बहुत
कुछ
हुआ
और
हुआ
कुछ
नहीं
रहे
या
मिटे
बादशाहत
'धरम'
करे
जो
किसी
का
भला
कुछ
नहीं
Read Full
Dharamraj deshraj
Download Image
1 Like
जानिब-ए-मंज़िल
यूँँ
चलकर
देखना
आप
अपने
को
बदलकर
देखना
लोग
दुश्मन
आपके
हो
जाएँगे
चाँद
की
ख़ातिर
मचलकर
देखना
सामने
कितनी
भी
हों
दुशवारियाँ
अपनी
ख़ुद्दारी
पे
चलकर
देखना
मंज़िलें
आसाँ
सभी
हो
जाएँगी
बस
इरादों
को
बदलकर
देखना
आदमी
का
आप
जंगल
पाओगे
भीड़
में
घर
से
निकलकर
देखना
आज
नज़रों
पर
भी
हैं
पहरे
बहुत
जब
भी
देखो
तुम
संभलकर
देखना
पंख
लग
जाएँगे
ख़ुशियों
को
'धरम'
वासनाओं
को
कुचलकर
देखना
Read Full
Dharamraj deshraj
Download Image
1 Like
किसने
दिया
है
दर्द
हमें
कुछ
पता
नहीं
इतना
पता
है
दर्द
हमारा
है
हिचकियाँ
Dharamraj deshraj
Send
Download Image
3 Likes
मेरा
मासूम
बचपन
था
भूखा
बहुत
लोरियां
माँ
सुनाती
रही
रात
भर
Dharamraj deshraj
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
One sided love Shayari
Hadsa Shayari
Aah Shayari
Jalwa Shayari
Happy New Year Shayari