jaanib-e-manzil yuñ chalkar dekhna | जानिब-ए-मंज़िल यूँँ चलकर देखना

  - Dharamraj deshraj
जानिब-ए-मंज़िलयूँँचलकरदेखना
आपअपनेकोबदलकरदेखना
लोगदुश्मनआपकेहोजाएँगे
चाँदकीख़ातिरमचलकरदेखना
सामनेकितनीभीहोंदुशवारियाँ
अपनीख़ुद्दारीपेचलकरदेखना
मंज़िलेंआसाँसभीहोजाएँगी
बसइरादोंकोबदलकरदेखना
आदमीकाआपजंगलपाओगे
भीड़मेंघरसेनिकलकरदेखना
आजनज़रोंपरभीहैंपहरेबहुत
जबभीदेखोतुमसंभलकरदेखना
पंखलगजाएँगेख़ुशियोंको'धरम'
वासनाओंकोकुचलकरदेखना
  - Dharamraj deshraj
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