hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kuldeep Nagar
chand lamhe saath men guzaare koi
chand lamhe saath men guzaare koi | चंद लम्हें साथ में गुज़ारे कोई
- Kuldeep Nagar
चंद
लम्हें
साथ
में
गुज़ारे
कोई
हमको
इस
दर्द
से
उबारे
कोई
है
लाज़िम
तेरी
आँखों
की
शर्मिंदगी
भी
मेरा
नाम
जब
महफ़िल
में
पुकारे
कोई
- Kuldeep Nagar
Download Sher Image
चराग़
घर
का
हो
महफ़िल
का
हो
कि
मंदिर
का
हवा
के
पास
कोई
मसलहत
नहीं
होती
Waseem Barelvi
Send
Download Image
38 Likes
नहीं
हर
चंद
किसी
गुम-शुदा
जन्नत
की
तलाश
इक
न
इक
ख़ुल्द-ए-तरब-नाक
का
अरमाँ
है
ज़रूर
बज़्म-ए-दोशंबा
की
हसरत
तो
नहीं
है
मुझ
को
मेरी
नज़रों
में
कोई
और
शबिस्ताँ
है
ज़रूर
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
19 Likes
प्यास
जहाँ
की
एक
बयाबाँ
तेरी
सख़ावत
शबनम
है
पी
के
उठा
जो
बज़्म
से
तेरी
और
भी
तिश्ना-काम
उठा
Ali Sardar Jafri
Send
Download Image
19 Likes
दूर
हूँ
लेकिन
बता
सकता
हूँ
उन
की
बज़्म
में
क्या
हुआ
क्या
हो
रहा
है
और
क्या
होने
को
है
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
25 Likes
अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
35 Likes
मैं
तुझे
बज़्म
में
लाऊँगा
मेरी
जान
मगर
लोग
जब
दूसरे
चेहरों
पे
फ़िदा
हो
जाएँ
Ashu Mishra
Send
Download Image
50 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल
न
पूछिए
'मजरूह'
शराब
एक
है
बदले
हुए
हैं
पैमाने
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
21 Likes
दर्द
की
बात
किसी
हँसती
हुई
महफ़िल
में
जैसे
कह
दे
किसी
तुर्बत
पे
लतीफ़ा
कोई
Ahmad Rahi
Send
Download Image
21 Likes
ज़ेहन
से
यादों
के
लश्कर
जा
चुके
वो
मेरी
महफ़िल
से
उठ
कर
जा
चुके
मेरा
दिल
भी
जैसे
पाकिस्तान
है
सब
हुकूमत
करके
बाहर
जा
चुके
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
204 Likes
Read More
कोशिशें
बेकार
हो
रही
है
ज़िन्दगी
बेज़ार
हो
रही
है
झूठ
बिक
रहा
समाचारों
में
हक़ीक़त
शर्मसार
हो
रही
है
जिहालत
अर्श
पर
खड़ी
है
तालीम
कर्ज़दार
हो
रही
है
कांधे
बोझल
हुए
लाशों
से
इंसानियत
लाचार
हो
रही
है
Read Full
Kuldeep Nagar
Download Image
1 Like
हम
दुनिया
से
कितना
सताए
हुए
हैं
है
वहशत
सो
सब
सेे
छुपाए
हुए
हैं
हमारे
सिवा
कौन
रहता
है
'दीप'
यहाँ
हम
बर्बाद
शहरों
को
बचाए
हुए
हैं
Read Full
Kuldeep Nagar
Send
Download Image
5 Likes
तुम
चाहो
तो
बात
बनाई
जा
सकती
है
तुम
आओ
तो
रात
बनाई
जा
सकती
है
Kuldeep Nagar
Send
Download Image
1 Like
दिल
के
सारे
गिले
शिकवे,
दफ़ा
कीजिए
आप
वफ़ा
करने
आए
हैं,
वफ़ा
कीजिए
Kuldeep Nagar
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bharosa Shayari in Hindi
Diwangi Shayari
Crime Shayari
Raushni Shayari
Corruption Shayari