jal ke jab dil lagii raakh ho jaati hai | जल के जब दिल लगी राख हो जाती है

  - Dard Faiz Khan
जलकेजबदिललगीराखहोजातीहै
आशिक़ोंकीख़ुशीराखहोजातीहै
हिज्रकेशे'रजिसपरमैंलिखदेताहूँ
मेरीवोडायरीराखहोजातीहै
पत्थरोंकेमकानातजलतेनहीं
हाँमगरझोपड़ीराखहोजातीहै
इश्क़मेंदर्दहैदर्दमेंहैमज़ा
बेमज़ाज़िंदगीराखहोजातीहै
कोईभीचीज़टिकतीनहींउसकेपास
हरपुरानीनईराखहोजातीहै
जिसमेंइकदूसरेपरभरोसाहो
ऐसीहरदोस्तीराखहोजातीहै
चारदिनजेबमेंगरपैसेरहें
इश्क़क्याआशिक़ीराखहोजातीहै
गुलसेबुलबुलअगरबातकरनेलगे
देखकरहरकलीराखहोजातीहै
अबतोजुगनूभीदावायेकरनेलगे
हमसेभीतीरगीराखहोजातीहै
सिर्फ़सिगरेटसेदिलहीजलतेनहीं
इनलबोंकीनमीराखहोजातीहै
जिसमेंमिलकेभीदोलोगमिलतेनहीं
ऐसीवाबस्तगीराखहोजातीहै
इकसहेलीकोउसकीअगरफूलदूँ
देखकरदूसरीराखहोजातीहै
शे'रियतजिसमेंआतीनहींहैनज़र
फ़ैज़वोशा'इरीराखहोजातीहै
  - Dard Faiz Khan
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