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Alankrat Srivastava
vo to saari aag hai chahe jahaan se choom lo
vo to saari aag hai chahe jahaan se choom lo | वो तो सारी आग है चाहे जहाँ से चूम लो,
- Alankrat Srivastava
वो
तो
सारी
आग
है
चाहे
जहाँ
से
चूम
लो,
हाँ
मगर
माथे
पे
बोसे
का
मज़ा
कुछ
और
है
- Alankrat Srivastava
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ये
इश्क़
आग
है
और
वो
बदन
शरारा
है
ये
सर्द
बर्फ़
सा
लड़का
पिघलने
वाला
है
Shadab Asghar
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बैठे
बैठे
फेंक
दिया
है
आतिश-दान
में
क्या
क्या
कुछ
मौसम
इतना
सर्द
नहीं
था
जितनी
आग
जला
ली
है
Zulfiqar aadil
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जलता
नहीं
हूँ
आतिश-ए-रुख़सार
देख
कर
करता
हूँ
नाज़
ताक़त-ए-दीदार
देख
कर
Shaikh Sohail
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चुप-चाप
अपनी
आग
में
जलते
रहो
'फ़राज़'
दुनिया
तो
अर्ज़-ए-हाल
से
बे-आबरू
करे
Ahmad Faraz
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गुदाज़-ए-इश्क़
नहीं
कम
जो
मैं
जवाँ
न
रहा
वही
है
आग
मगर
आग
में
धुआँ
न
रहा
Jigar Moradabadi
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कभी
इश्क़
करो
और
फिर
देखो
इस
आग
में
जलते
रहने
से
कभी
दिल
पर
आँच
नहीं
आती
कभी
रंग
ख़राब
नहीं
होता
Saleem Kausar
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मेरे
सीने
में
नहीं
तो
तेरे
सीने
में
सही
हो
कहीं
भी
आग
लेकिन
आग
जलनी
चाहिए
Dushyant Kumar
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दिल
की
ख़ातिर
एक
रिश्ते
को
बचाने
के
लिए
आग
मैंने
ही
लगा
ली
ख़ुद
मिरे
घरबार
में
Shashank Shekhar Pathak
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पेड़
का
दुख
तो
कोई
पूछने
वाला
ही
न
था
अपनी
ही
आग
में
जलता
हुआ
साया
देखा
Jameel Malik
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आग
थे
इब्तिदा-ए-इश्क़
में
हम
अब
जो
हैं
ख़ाक
इंतिहा
है
ये
Meer Taqi Meer
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क्यूँ
'आशिक़
ही
समझते
हैं
यहाँ
सब
लोग
शायर
को?
वजह
इक
ही
है
क्या
दुनिया
में
यूँँ
मातम
मनाने
की?
Alankrat Srivastava
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देखते
ही
देखते
मौसम
बदलने
लग
गया
आँख
के
तारे
की
आँखों
में
मैं
खलने
लग
गया
जो
तरक़्क़ी
की
दु'आ
करता
था
मेरी
हाँ
वही
देख
कर
मेरी
तरक़्क़ी
मुझ
सेे
जलने
लग
गया
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Alankrat Srivastava
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गर
तुम्हें
डर
लग
रहा
है
प्यार
में
इज़हार
से
तो
तुम्हारा
काम
होगा
मीर
के
अश'आर
से
जब
तलक
रहता
हूँ
मैं
लम्बे
सफ़र
पे
तब
तलक
माँ
की
साँसे
भी
हैं
चलती
ट्रेन
की
रफ़्तार
से
हाँ
वही
अकबर
कि
जिसके
सामने
सब
झुक
गए
देखो
जोधा
के
है
आगे
हो
गए
लाचार
से
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Alankrat Srivastava
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नास्तिक
भी
गर
तेरी
ये
मुस्कुराहट
देख
लें
तो
छोड़
कर
विज्ञान
तेरे
रूप
की
पूजा
करेंगे
Alankrat Srivastava
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पूछने
थे
कई
सवाल
अगर
मगर
में
रह
गए
दुनिया
के
कितने
ही
बवाल
अगर
मगर
में
रह
गए
Alankrat Srivastava
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